वामपंथी पार्टियों ने सीएम विजय की दावत से किया किनारा, टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देने की बात दोहराई

चेन्नई, 1 जुलाई . निमंत्रण मिलने के बावजूद सीपीआई और सीपीआई(एम) Wednesday को ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) के संस्थापक और Chief Minister सी. जोसेफ विजय द्वारा आयोजित बैठक और दावत में शामिल नहीं होंगे.

यह फैसला वामपंथी पार्टियों के उस रुख को दिखाता है जिसके तहत वे टीवीके के नेतृत्व वाली Government को सिर्फ बाहर से समर्थन दे रही हैं और सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं.

पार्टी नेताओं का कहना था कि Government के सहयोगियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने से ऐसा लग सकता है कि वे औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल हो गए हैं.

सीपीआई के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा, “यह दावत टीवीके के सहयोगियों के लिए है. चूंकि हम Government को बाहर से समर्थन दे रहे हैं, इसलिए हमने इसमें शामिल न होने का फैसला किया है. वामपंथी पार्टियां अभी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन Government को हमारा समर्थन जारी रहेगा.”

सीपीआई और सीपीआई (एम) ने टीवीके Government के बनने के बाद से ही अहम मुद्दों पर बाहर से उसका समर्थन किया है. उनका कहना है कि यह समर्थन किसी औपचारिक Political समझौते के बजाय नीतियों और जनहित पर आधारित है.

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल न होने के उनके फैसले को Government के साथ मतभेद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. इसके बजाय, दोनों पार्टियों ने दोहराया कि वे मजदूरों, किसानों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर Government का सहयोग करती रहेंगी. उन्होंने यह भी साफ किया कि वे जरूरत पड़ने पर Government के सामने जनहित से जुड़े मुद्दे उठाती रहेंगी.

भले ही वे दावत से दूर रहें, लेकिन सीपीआई और सीपीआईएम के नेता दिन में बाद में सचिवालय में Chief Minister विजय से मुलाकात करेंगे. संभावना है कि वे मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उजागर करते हुए एक ज्ञापन सौंपेंगे और Government से दखल देने की मांग करेंगे.

इस घटनाक्रम से वामपंथी दलों द्वारा टीवीके Government को निरंतर समर्थन देने और अपनी Political स्वतंत्रता बनाए रखने की इच्छा के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयास स्पष्ट होते हैं.

गठबंधन सहयोगियों के लिए आयोजित कार्यक्रम से दूर रहकर और Chief Minister के साथ नीतिगत मुद्दों पर बातचीत जारी रखकर, सीपीआई और सीपीआई (एम) ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि Government के साथ उनका संबंध औपचारिक गठबंधन के बजाय बाहरी समर्थन का ही है.

ओपी/एएस

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