
बेलगावी, 17 दिसंबर . कर्नाटक विधानसभा में Wednesday को नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हालात पूरी तरह बिगड़ चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जेलों में कैदियों के पास मोबाइल फोन पहुंच रहे हैं, ड्रग माफिया का व्यापक विस्तार हो गया है और Policeकर्मी ही अपराधियों से मिलकर काम कर रहे हैं.
अशोक ने कहा कि Bengaluru सेंट्रल जेल में हत्यारों और आतंकियों को रिसॉर्ट जैसी पांच सितारा सुविधाएं दी जा रही हैं. कैदियों से रिश्वत लेकर उन्हें बैरकों में स्थानांतरित किया जाता है और इसके लिए लॉबिंग भी होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुख्यात अपराधी गुब्बच्ची शीना ने जेल के भीतर ही जन्मदिन मनाया, यहां तक कि केक पर उसका नाम भी लिखा था. यह समझ से परे है कि ऐसा केक जेल के भीतर कैसे पहुंचा.
उन्होंने कहा कि आतंकी शकील मन्ना के हाथ में मोबाइल फोन का वीडियो सामने आया है. इससे पहले Actor दर्शन की जेल के भीतर सिगरेट पकड़े तस्वीर भी सामने आई थी. अशोक ने बताया कि जेल नियमों के अनुसार Police आयुक्त को हर महीने जेल का निरीक्षण करना चाहिए और अचानक निरीक्षण भी अनिवार्य है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.
उन्होंने करवार जेल में कैदियों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन और न मिलने पर जेल स्टाफ पर हमले का भी आरोप लगाया. अशोक ने कहा कि जेलों में 777 cctv कैमरे हैं, जिनमें से 100 काम नहीं कर रहे हैं. जेल प्रशासन ने 1,123 कैमरों की मांग की थी, लेकिन Government ने धन की कमी का हवाला देकर उन्हें नहीं खरीदा. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों से कैदियों की मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है और Government को लंबित राशि का खुलासा करना चाहिए.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि Police खुद “चोर” बन गई है. उनके अनुसार, Bengaluru में 11 महीनों में अपराधियों से मिलीभगत के आरोप में 130 Policeकर्मियों को निलंबित किया गया. जयनगर में 7 करोड़ रुपये की बैंक डकैती एक Police constable के नेतृत्व में हुई. वहीं, बीदर में बैंक लूट के आरोपियों का अब तक पता नहीं चल पाया है.
अशोक ने कहा कि पहले अपराधी Police से डरते थे, लेकिन अब डर खत्म हो गया है. राज्य में 23,000 सक्रिय राउडी हैं और 43,000 बाइक चोरी हो चुकी हैं. साइबर अपराधों में 5,474 करोड़ रुपये की ठगी हुई है, जबकि Police केवल 627 करोड़ रुपये ही बरामद कर पाई है. उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि गृह विभाग लोगों को जागरूक नहीं कर रहा है.
ड्रग माफिया पर बोलते हुए अशोक ने कहा कि यह गतिविधि Government के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है. एक स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा ने बोतलबंद पानी में मिलाया गया नशीला पदार्थ पी लिया, जिसके बाद उसका व्यवहार असामान्य हो गया. जांच में नशे की पुष्टि हुई. उन्होंने दावा किया कि 15 प्रतिशत स्कूली बच्चे नशीले पदार्थों की चपेट में हैं, जिन्हें चॉकलेट के जरिए नशे का आदी बनाया जाता है.
उन्होंने कहा कि राज्य में 150 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ आ रहे हैं और Police को ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
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डीएससी