अधिक मास पूर्णिमा पर प्रयागराज संगम और अयोध्या सरयू घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

अयोध्या/प्रयागराज, 31 मई . अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर Sunday को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे हैं. प्रयागराज के संगम तट पर सुबह के समय भारी भीड़ देखी गई. अयोध्या में भी सरयू नदी में स्नान के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हैं.

अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु प्रयागराज के संगम पर एकत्रित हुए और ब्रह्म मुहूर्त के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया. इस अवसर पर स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व रहा. प्रयागराज के पुजारियों ने इसके आध्यात्मिक महत्व को समझाया.

तीर्थ पुरोहित गोपाल गुरु ने से बात करते हुए कहा, “आज हम इसे ‘अधिक मास’ या ‘भगवान पुरुषोत्तम मास’ कहते हैं. उनकी समस्त मनोकामनाएं और इच्छाएं पूर्ण होती हैं और उनके अनुष्ठान संपन्न होते हैं. जो व्यक्ति प्रयाग में स्नान करने के उपरांत ‘व्याकेश’ करता है, भगवान के साथ उसके पितृ भी प्रसन्न होते हैं. धन-धान्य की प्राप्ति होती है.

अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु अयोध्या में एकत्रित हुए. उन्होंने सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और मंदिरों तथा मठों में जाकर पूजा-अर्चना की.

सरयू नदी में स्नान के बाद श्रद्धालु रामचरण यादव ने कहा, “आज अधिक मास पूर्णिमा है. इस अवसर पर हमने यहां स्नान किया है. नदी के घाट पर भक्तों की भारी भीड़ है. यहां की व्यवस्थाओं को देखकर काफी अच्छा लगा है.”

एक महिला ने कहा कि अधिक मास चल रहा है और ज्येष्ठ पूर्णिमा है. इसलिए हम लोग यहां नहाने आए हैं. ज्येष्ठ पूर्णिमा का बहुत महत्व होता है. हम अभी मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे.

शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में अधिक पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ व खास माना जाता है. इस अवसर पर विष्णु सहस्रनाम पाठ, हरिवंश पुराण, पुरुषोत्तम मास कथा का श्रवण, दान-पुण्य और गंगा स्नान (या घर पर स्नान) करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही पुण्य प्राप्ति का भी उत्तम अवसर माना जाता है.

डीसीएच/

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