बजट में दूरदर्शिता का अभाव, कर्नाटक की जनता निराश हुई: बीवाई विजयेंद्र

Bengaluru, 6 मार्च . कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने Friday को आरोप लगाया कि Chief Minister सिद्धारमैया ने राज्य का बजट पेश करके राज्य की जनता को निराश किया है.

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि जब Chief Minister सिद्धारमैया ने बजट पढ़ना शुरू किया, तो ऐसा लगा मानो इसे किसी साहित्यकार ने लिखा हो.

उन्होंने आगे कहा कि सुनने में तो यह बहुत अच्छा लगा और शायद पढ़ने में भी अच्छा लगा होगा, लेकिन इससे राज्य की जनता को कोई लाभ नहीं हुआ है. अपने 17वें बजट के माध्यम से उन्होंने जनता को खाली घड़ा दे दिया है.

राज्य Government के ऋणों का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पिछले बजट में राज्य Government ने 1.16 लाख करोड़ रुपए का ऋण लिया था, जबकि 2025-26 के बजट में यह ऋण 1.32 लाख करोड़ रुपए आंका गया है.

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिर्फ पिछले तीन वर्षों में सिद्धारमैया ने 4.39 लाख करोड़ रुपए का ऋण लिया है, जो उनका अब तक का रिकॉर्ड है.

विजयेंद्र ने कहा कि यह एक नीरस बजट है जिसमें कोई दूरदर्शिता नहीं है.

भाजपा नेता ने आगे कहा कि Chief Minister जब बजट पढ़ रहे थे, तब उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस विधायकों को देखा और उनमें अरुचि पाई.

उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी कांग्रेस के कुछ विधायकों ने वरिष्ठ विधायकों से संपर्क करके यह भी कहा कि Chief Minister सिद्धारमैया ने उन्हें गुमराह किया है.

विजयेंद्र के अनुसार, केवल सात या आठ मंत्री ही उपस्थित थे, जबकि अन्य मंत्री और कांग्रेस विधायक बजट में उदासीन प्रतीत हुए.

उन्होंने राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन में कटौती की भी आलोचना की, जिसे उन्होंने प्राथमिकता क्षेत्र बताया.

विजयेंद्र ने कहा कि पिछली बार शिक्षा के लिए 12 प्रतिशत आवंटित किया गया था, लेकिन इस बार इसे कम कर दिया गया है. किसी भी प्राथमिकता क्षेत्र को महत्व नहीं दिया गया है. पूंजी निवेश को भी प्राथमिकता नहीं दी गई है, और बजट विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत नहीं किया गया है.

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि किसी ने भी ऐसे राज्य बजट की उम्मीद नहीं की थी.

उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister ने किसानों के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई है और युवाओं को प्राथमिकता देने या रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रहे हैं.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य Government अपनी पांच गारंटी योजनाओं के लिए धन जुटाने में असमर्थ होने के कारण बार-बार आबकारी विभाग पर निर्भर है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Chief Minister सिद्धारमैया इस वर्ष भी आबकारी विभाग से 45,000 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद कर रहे हैं.

विजयेंद्र ने कहा कि Chief Minister राज्य को शराबखोरों का राज्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई परियोजनाओं पर पर्याप्त ध्यान न देने और उत्तरी कर्नाटक के विकास के प्रति चिंता न दिखाने के लिए राज्य Government की आलोचना भी की.

एमएस/

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