कुमारस्वामी ने स्कूल पाठ्यक्रम में ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ को शामिल करने का किया आग्रह

Bengaluru, 5 दिसंबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Friday को देशभर के स्कूल पाठ्यक्रम में पवित्र हिंदू ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता को शामिल करने की मांग की है.

Union Minister कुमारस्वामी ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा है.

Union Minister कुमारस्वामी ने social media प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट कर कहा, “मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हमारे देश के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता को पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाए और इस संबंध में आवश्‍यक कदम उठाए जाएं.”

उन्होंने कहा, “निष्काम कर्म, ईमानदारी और नैतिक शक्ति के शाश्वत मूल्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत मूल्य-आधारित शिक्षा को समृद्ध करेंगे. ये मूल्‍य हमारे युवाओं को उनके छात्र जीवन से ही जिम्मेदार नागरिक बनने और विश्व स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगे. भारतीय विरासत की बेहतरीन और सबसे मानवीय परंपराओं को पुनर्जीवित करने के Prime Minister Narendra Modi के संकल्प के अनुरूप, मेरा दृढ़ विश्वास है कि श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा आवश्‍यक है.”

कुमारस्वामी ने कहा, “India लंबे समय से संतों, ज्ञान और स्थायी सभ्यतागत मूल्यों की भूमि रहा है. सनातन धर्म ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सार्वभौमिक आदर्श को बनाए रखता है. भगवान विष्णु ने अपने 8वें अवतार श्रीकृष्ण के रूप में श्रीमद्भगवद्गीता का शाश्वत ज्ञान दिया, जो ‘निष्काम कर्म’ और ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्य का पालन करने के महत्व पर जोर देता है. ये मूल्य, खासकर आज के वैश्विक माहौल में, अत्‍यंत प्रासंगिक हैं.”

उन्होंने कहा, “हाल ही में Prime Minister मोदी ने उडुपी में कृष्ण मठ की अपनी यात्रा के दौरान गीता पाठ कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों को बनाए रखा और उन पर प्रकाश डाला. उन्होंने एक बार फिर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा पर जोर दिया और इन शाश्वत मूल्यों की पुष्टि की.”

उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, मुझे शिवमोग्गा में गीता पाठ कार्यक्रम में भाग लेने का भी सौभाग्य मिला, जो एक प्रेरणादायक कार्यक्रम था. इसने गीता का पाठ करने और उससे जुड़ी गहन ऊर्जा और भक्ति का अनुभव करने का एक शानदार अवसर प्रदान किया.”

Union Minister कुमारस्वामी ने कहा कि‍ इस संदर्भ में, कई स्थानीय नेताओं और अभिभावकों ने अनुरोध किया है कि श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) मूल्‍य आधारित शिक्षा पर बहुत जोर देती है. श्रीमद्भगवद्गीता से चुनी हुई शिक्षाओं को शामिल करने से छात्रों में नैतिक शक्ति, सोच में स्पष्टता और चरित्र विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश मजबूत होगा और हमारे युवा विश्व स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होंगे.”

उन्होंने अपील की कि इसलिए मैं एक बार फिर आपसे अनुरोध करता हूं कि इस प्रस्ताव पर उचित विचार करें और उचित निर्देश जारी करें ताकि श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत मूल्यों को देश भर के छात्रों के लिए सीखने के ढांचे में सही तरीके से शामिल किया जा सके.

एएसएच/डीकेपी

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