
हैदराबाद, 1 जनवरी . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने Thursday को मांग की कि यदि तेलंगाना Government विधानसभा में पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) देने जा रही है, तो संसदीय लोकतंत्र की भावना के तहत प्रमुख विपक्षी दल बीआरएस को भी ऐसा ही अवसर दिया जाना चाहिए.
तेलंगाना भवन में मीडिया से बात करते हुए केटीआर ने कहा कि एक बार विधायक विधानसभा में प्रवेश कर लेते हैं, तो Chief Minister और एक सामान्य विधायक के बीच कोई भेद नहीं रहता.
उन्होंने कहा, “सदन के पटल पर सभी 120 विधायकों के समान अधिकार हैं. यदि Government अपना पक्ष रखती है, तो विपक्ष को भी अपने तथ्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए.”
गौरतलब है कि तेलंगाना Government Friday को विधानसभा में सिंचाई परियोजनाओं और नदी जल-बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर एक पावरपॉइंट प्रस्तुति देने की संभावना है.
केटीआर ने कहा, “आप अपना पक्ष रखें और हमें भी अपना पक्ष रखने दीजिए. प्रमुख विपक्ष होने के नाते हम पूरी तरह तैयार हैं यह बताने के लिए कि बीआरएस शासन के पिछले दस वर्षों में तेलंगाना की कृषि और सिंचाई व्यवस्था में किस तरह व्यापक परिवर्तन आया.”
उन्होंने दावा किया कि बीआरएस के पास तथ्यों और आंकड़ों के साथ विधानसभा के समक्ष अपनी बात रखने की पूरी तैयारी है.
एक पुराने उदाहरण का हवाला देते हुए केटीआर ने कहा कि 31 मार्च 2016 को जब तत्कालीन Chief Minister के. चंद्रशेखर राव ने विधानसभा में पावरपॉइंट प्रस्तुति दी थी, तब कांग्रेस पार्टी ने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सदन का बहिष्कार किया था.
उन्होंने सवाल किया, “जो बात तब अस्वीकार्य थी, वह आज अचानक कैसे स्वीकार्य हो गई?”
केटीआर ने बताया कि इस मुद्दे पर निष्पक्षता और विपक्ष को समान अवसर देने की मांग करते हुए स्पीकर को पत्र सौंपा गया है.
कांग्रेस Government पर तीखा हमला करते हुए केटीआर ने Chief Minister की सिंचाई और नदी जल संबंधी समझ पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि भाखड़ा नांगल परियोजना तेलंगाना में स्थित है, जबकि वास्तव में वह Himachal Pradesh में है.
केटीआर ने तंज कसते हुए कहा, “जो Chief Minister बुनियादी नदी बेसिन तक नहीं जानते, वे हमें सिंचाई पर उपदेश देना चाहते हैं?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Chief Minister को देवदुला परियोजना के नदी बेसिन की जानकारी तक नहीं है.
बीआरएस नेता ने सिंचाई क्षेत्र में Government की कथित विफलताओं का जिक्र करते हुए श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल हादसे, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी, सुनकीशाला परियोजना के ढहने और वट्टेम पंप हाउस के जलमग्न होने की घटनाओं का उल्लेख किया.
उन्होंने सवाल किया, “हमें आपसे क्या सीखना चाहिए- चेक डैम कैसे फेल होते हैं, मेदिगड्डा कैसे गिरा, या कृष्णा जल में तेलंगाना के वैध हिस्से को कृष्णा रिवर मैनेजमेंट बोर्ड (केआरएमबी) को कैसे सौंपा गया?”
केटीआर ने कांग्रेस Government पर पलामूरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना की पिछले दो वर्षों से उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया और पूछा कि क्या मौजूदा शासन में एक भी अतिरिक्त एकड़ भूमि को सिंचाई का पानी मिला है.
उन्होंने अंत में सवाल उठाया, “क्या Government ने एक भी टैंक की मरम्मत की है या एक भी नहर को बहाल किया है?”
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डीएससी