
ग्रेटर नोएडा, 25 जून . यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से Thursday को दक्षिण कोरिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यीडा कार्यालय का दौरा किया.
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, व्यापारिक सहयोग और भविष्य की विकास योजनाओं का अध्ययन करना था. प्रतिनिधिमंडल में दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय, कोरिया गणराज्य के दूतावास तथा कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (कोटरा) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय के निदेशक किम जिनसू कर रहे थे. उनके साथ उपनिदेशक कांग होंग कू, कोरिया दूतावास के वाणिज्यिक परामर्शदाता सुंगजुंग चो, कोटरा साउथ एशिया हेड ऑफिस के प्रबंध निदेशक डोंगह्योन किम तथा इंडिया-कोरिया बिजनेस कोऑपरेशन डेस्क के कार्यकारी निदेशक जैवुक (जेक) ली भी मौजूद रहे.
इस दौरान यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया (आईएएस) ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने बताया कि यीडा क्षेत्र देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में हो रही प्रगति, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी सुविधाएं निवेशकों के लिए इसे अत्यंत आकर्षक बनाती हैं.
भाटिया ने बताया कि क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है. एस्कॉर्ट्स कुबोटा, एचसीएल-फॉक्सकॉन सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है.
उन्होंने सेक्टर-4ए में प्रस्तावित ‘कोरियन सिटी’ की भी जानकारी दी. लगभग 900 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह परियोजना विशेष रूप से कोरियाई निवेशकों और उद्योगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है. इस बहुउद्देशीय परियोजना में औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक तथा संस्थागत सुविधाओं का समावेश होगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी और प्रमुख परिवहन नेटवर्क के निकट होने के कारण इसे विदेशी निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य माना जा रहा है. प्रस्तुति के बाद कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने संभावित निवेश के लिए चिन्हित भूमि पार्सलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया.
यीडा अधिकारियों के अनुसार यह दौरा India और दक्षिण कोरिया के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा आने वाले समय में क्षेत्र में कोरियाई कंपनियों के निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगा. इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण लाभ होगा.
–
पीकेटी/एबीएम