
New Delhi, 1 जनवरी . India में क्रिकेट और राजनीति ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें सफलता किसी भी व्यक्ति को दौलत और शोहरत के करीब ले जाती है. बहुत कम लोग ऐसे हुए हैं जिन्होंने दोनों ही क्षेत्रों में सफलता हासिल की है. कीर्ति आजाद का नाम इसमें प्रमुखता से लिया जाता है.
कीर्ति आजाद का जन्म 2 जनवरी 1959 को बिहार के पुर्णिया में हुआ था. उनका जन्म एक Political परिवार में हुआ था. उनके पिता भागवत झा आजाद बिहार के Chief Minister रहे थे. Political परिवार के होने के बावजूद उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाने का निर्णय लिया.
दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले कीर्ति दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर रहे.
India के लिए उन्होंने 1980 में डेब्यू किया था. वह 1983 में पहली बार विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे थे. 1980 से 1986 के बीच 7 टेस्ट में 135 रन और 3 विकेट उनके नाम दर्ज हैं. वहीं 25 वनडे मैचों में 269 रन बनाने के साथ ही 7 विकेट उन्होंने लिए.
घरेलू क्रिकेट वह 1976-77 से 1994 तक खेले. इस दौरान 142 प्रथम श्रेणी मैचों में 20 शतक की मदद से 6,634 रन और 234 विकेट उन्होंने लिए. वहीं 72 लिस्ट ए मैचों में 1,521 रन बनाने के साथ ही 50 विकेट उनके नाम दर्ज हैं.
क्रिकेट से संन्यास के बाद कीर्ति आजाद ने राजनीति के क्षेत्र में लौटे. वे 1993 से 1998 तक दिल्ली में गोल मार्केट विधानसभा से विधायक रहे. 1999 से 2004 और फिर 2009 से 2019 तक वे बिहार के दरभंगा से Lok Sabha सदस्य रहे. 2024 में वह Lok Sabha चुनाव पश्चिम बंगाल की बर्धमान-दुर्गापुर सीट से जीते.
इस तरह क्रिकेट के बाद राजनीति में भी वह सफल पारी खेल रहे हैं. कीर्ति आजाद क्रिकेट के बाद राजनीति का रुख करने वाले इकलौते क्रिकेटर नहीं हैं, लेकिन अन्य क्रिकेटरों के मुकाबले उनकी पारी लंबी रही है. वह अच्छे वक्ता हैं और अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं.
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पीएके