
Bengaluru, 27 जून . कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने Saturday को कहा कि यह गर्व की बात है कि नादप्रभु केम्पेगौड़ा की दूरदर्शिता और योगदान के कारण Bengaluru आज केवल India ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है.
विजयेंद्र सदाशिवनगर स्थित केम्पेगौड़ा बॉर्डर टावर पार्क में नादप्रभु केम्पेगौड़ा प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित नादप्रभु केम्पेगौड़ा जयंती समारोह में समाजसेवी आर.पी. रविशंकर को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा की जन्म के 517 वर्ष बाद भी लोगों द्वारा उन्हें याद किया जाना और उनकी जयंती मनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि Bengaluru और कर्नाटक के विकास में उनका योगदान कितना महत्वपूर्ण रहा है.
विजयेंद्र ने कहा कि पूर्व Chief Minister बी.एस. येदियुरप्पा के कार्यकाल में राज्य Government ने केम्पेगौड़ा की विरासत को कर्नाटक और India ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘केम्पेगौड़ा अध्ययन केंद्र’ की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए थे.
उन्होंने बताया कि येदियुरप्पा Government ने केम्पेगौड़ा की प्रतिमा निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के साथ-साथ Bengaluru के संस्थापक को समर्पित एक थीम पार्क विकसित करने का भी निर्णय लिया था.
विजयेंद्र ने कहा कि जब Bengaluru अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण पर चर्चा हुई, तब पूर्व Chief Minister बी.एस. येदियुरप्पा ने दृढ़ता से फैसला किया कि इसका नाम नादप्रभु केम्पेगौड़ा के नाम पर रखा जाना ही उनके प्रति सबसे उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व उपChief Minister और विधायक सी.एन. अश्वथ नारायण ने कहा कि केम्पेगौड़ा के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा के दूसरे कार्यकाल में Bengaluru हवाई अड्डे के निकट 108 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ प्रॉस्पेरिटी’ के निर्माण को मंजूरी दी गई थी. उन्होंने बताया कि प्रतिमा निर्माण के लिए 65 करोड़ रुपये, थीम पार्क के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये तथा केम्पेगौड़ा स्मारक के आसपास भूमि अधिग्रहण के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे. साथ ही Bengaluru विश्वविद्यालय में केम्पेगौड़ा अध्ययन केंद्र की स्थापना के लिए भी धनराशि जारी की गई.
अश्वथ नारायण ने कहा कि प्रतिमा निर्माण परियोजना के तहत राज्य के विभिन्न गांवों से मिट्टी एकत्र की गई थी, जिसे उन्होंने येदियुरप्पा के नेतृत्व में शुरू की गई दूरदर्शी और भावनात्मक पहल बताया.
इस अवसर पर कर्नाटक रक्षणा वेदिके के अध्यक्ष शिवरामेगौड़ा, मंजूनाथ, डॉ. राजेश, जयपाल और सुमंगला केशव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
वहीं, केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने social media मंच ‘एक्स’ पर नादप्रभु केम्पेगौड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विश्वप्रसिद्ध शहर Bengaluru के दूरदर्शी संस्थापक और कुशल प्रशासक केम्पेगौड़ा को वह श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं. उन्होंने राज्यवासियों को केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पांच शताब्दियों पहले उनके द्वारा बोया गया विकास का बीज आज एक विशाल वृक्ष बन चुका है. कृषि, सिंचाई, व्यापार, नगर नियोजन और समग्र विकास के क्षेत्र में उनकी सोच आज भी प्रेरणादायी है.
पूर्व Chief Minister और BJP MP बसवराज बोम्मई ने भी केम्पेगौड़ा जयंती पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि Bengaluru की मजबूत नींव रखने वाले इस दूरदर्शी शासक के आदर्श और विकास की सोच हमेशा समाज को प्रेरित करती रहेगी.
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डीएससी