एचएमटी को पुनर्जीवित करने की कोशिशों में कर्नाटक सरकार बाधा डाल रही : कुमारस्वामी

Bengaluru, 6 जुलाई . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Monday को कर्नाटक Government पर केंद्र की एचएमटी को पुनर्जीवित करने की कोशिशों को विफल करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी के लिए विशेष पुनरुद्धार पैकेज अंतिम चरण में पहुंच रहा है, तब राज्य Government वन विभाग के जरिए बाधाएं खड़ी कर रही है.

मीडिया में आई उन खबरों के बाद कुमारस्वामी ने आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिनमें कहा गया था कि राज्य वन विभाग ने एचएमटी को नोटिस जारी कर जमीन वापस करने की समयसीमा तय की है. उन्होंने इस कार्रवाई के समय और उसकी वैधता पर सवाल उठाए.

कुमारस्वामी ने कहा, “यह मामला अदालत में लंबित है. ऐसे संवेदनशील समय में राज्य Government ने वन विभाग के माध्यम से नोटिस जारी कर समय सीमा तय कर दी है. यह न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप है और कानून के खिलाफ है.”

उन्होंने बताया कि Bengaluru शहरी क्षेत्र के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) एन. रविंद्र कुमार ने एचएमटी को आदेश दिया है कि वह 430 एकड़ जमीन तुरंत वन विभाग को सौंप दे, क्योंकि इसे वन भूमि माना गया है.

उन्होंने कहा, “इस तरह का आदेश सीधे तौर पर चल रही न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है. इसके अलावा संबंधित अधिकारी के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार भी नहीं है. एचएमटी इस आदेश को अदालत में चुनौती देगी.”

कुमारस्वामी ने कहा कि वह कई वर्षों से घाटे और अनिश्चितता का सामना कर रही एचएमटी के लिए विशेष पुनरुद्धार पैकेज दिलाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “एचएमटी को नई जिंदगी देने के लिए मैं Prime Minister और केंद्रीय वित्त मंत्री को विशेष पैकेज मंजूर करने के लिए लगातार मनाने की कोशिश कर रहा हूं. एचएमटी भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन आती है, जिसकी जिम्मेदारी मेरे पास है. जैसे ही पैकेज की घोषणा होने वाली थी, राज्य Government ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से यह नोटिस जारी करवा दिया.”

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी ने खुद इस जमीन की कीमत करीब 15 हजार करोड़ रुपए आंकी है. इससे संदेह पैदा होता है कि किसी की नजर इस संपत्ति पर है.

उन्होंने कहा, “इस Government के संरक्षण में पहले ही एचएमटी की काफी जमीन लूटी जा चुकी है. मेरे पास सभी दस्तावेज हैं कि 175 एकड़ जमीन कब बेची गई और उसके सौदे कहां पंजीकृत हुए. मुझे उन लोगों की भी जानकारी है जिन्होंने वहां मकान बनाए हैं. जिस जमीन पर कब्जा किया गया, वहां आज बहुमंजिला इमारतें और बड़े अपार्टमेंट खड़े हैं. तब क्या वन विभाग ने कोई नोटिस जारी किया था?”

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि एचएमटी की जमीन की लूट 2006 तक जारी रही, जब तक वह Chief Minister नहीं बने.

उन्होंने कहा, “मैंने जमीन की बिक्री पर रोक लगाई थी, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि यह जमीन भू-माफियाओं और रियल एस्टेट माफिया के हाथों में जाए. Bengaluru को सिंगापुर बनाने का वादा करने वाली Government के दौर में एचएमटी की जमीन को गिद्धों की तरह नोचा गया.”

Union Minister ने कहा कि अगले सप्ताह एचएमटी के लिए प्रस्तावित विशेष पैकेज को लेकर बैठक होने वाली है और कंपनी को पुनर्जीवित करने का फैसला जल्द लिया जा सकता है.

उन्होंने कहा, “विशेष पैकेज की घोषणा होने ही वाली थी. Bengaluru की शान रही इस फैक्ट्री को नई जिंदगी देने का फैसला करीब था. मुझे नहीं पता कि इस वन अधिकारी को किसने उकसाया. सेवानिवृत्ति में केवल 15 दिन बचे होने के बावजूद उन्होंने ऐसा नोटिस जारी कर दिया. क्या उन्हें इतना भी ज्ञान नहीं है कि मामला अदालत में लंबित है? उन्हें अपने इस कदम के परिणाम भुगतने होंगे.”

कुमारस्वामी ने कहा, “यह अधिकारी कौन है? इसकी पृष्ठभूमि क्या है? इसने वन संरक्षण के लिए क्या काम किया है? इसके पीछे कौन लोग हैं? मेरे पास सारी जानकारी है और मैं जल्द ही सब कुछ सार्वजनिक करूंगा.”

उन्होंने राज्य Government पर शासन चलाने के बजाय रियल एस्टेट कारोबार में लगे होने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि अब Government की नजर एचएमटी की जमीन पर पड़ गई है. जहां भी जमीन दिखती है, Government उसे घेरने में लग जाती है. ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य Government नहीं चाहती कि कर्नाटक में कोई Governmentी उद्योग या फैक्ट्री बची रहे. एनजीएफ, मैसूर पेपर मिल्स और कई अन्य उद्योग पहले ही खत्म हो चुके हैं. अब जब मैं एचएमटी को बचाने की कोशिश कर रहा हूं, तब Government की नजर उसकी जमीन पर है.”

उन्होंने कहा, “अगर राज्य Government ही ऐसा माहौल बनाएगी तो कर्नाटक में उद्योग कैसे आएंगे? वे बार-बार शिकायत करते हैं कि केंद्र Government ने राज्य को कुछ नहीं दिया. लेकिन जब हम देने को तैयार हैं, तब उनमें उसे स्वीकार करने की इच्छा नहीं है.”

कुमारस्वामी ने एचएमटी कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें राज्य Government की कार्रवाई से घबराने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में हम एचएमटी को पुनर्जीवित करेंगे. हम यह करके दिखाएंगे और कोई हमें रोक नहीं सकता. वन विभाग गैरकानूनी आदेश जारी कर एचएमटी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है.”

उन्होंने कहा, “कभी India की सबसे प्रतिष्ठित और लाभ कमाने वाली औद्योगिक कंपनियों में शामिल एचएमटी आज कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है. इसके बावजूद यह अंतरिक्ष, रक्षा और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए मशीनें बना रही है. आज भी एचएमटी की मशीनों की विदेशों में अच्छी मांग है. एचएमटी घड़ियों की लोकप्रियता भी बरकरार है.”

उन्होंने कहा, “ऐसे उद्योगों को बचाने की कोशिश करने के बजाय यदि राज्य Government उनके पतन को तेज करने में लगी हो, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं यह बात बेहद पीड़ा के साथ कह रहा हूं.”

एएमटी/वीसी

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