कर्नाटक: निर्वाचन आयोग ने एसआईआर का संशोधित कार्यक्रम जारी किया, 27 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

Bengaluru, 7 अगस्त . कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने Friday को विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया. इसके तहत 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि (क्वालिफाइंग डेट) मानते हुए 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

सीईओ कार्यालय ने बताया कि यह संशोधित कार्यक्रम निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के 7 अगस्त 2026 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है.

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जून से शुरू हुआ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का घर-घर सत्यापन अभियान अब 17 अगस्त तक जारी रहेगा. इसी दिन मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का कार्य भी किया जाएगा.

24 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा. इसी दिन से मतदाताओं के दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी. मतदाता नाम जोड़ने, संशोधन कराने, नाम हटाने अथवा अन्य आपत्तियों के लिए आवेदन 23 सितंबर तक कर सकेंगे.

24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा. इसके बाद आवश्यक संशोधन कर 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

सीईओ कार्यालय ने कहा कि संशोधित कार्यक्रम आम जनता की जानकारी और राज्यभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के उद्देश्य से जारी किया गया है.

इस बीच, सीईओ कार्यालय ने बताया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) के डिजिटलीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है.

16 जून 2026 तक कर्नाटक में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता थे. सभी पात्र मतदाताओं के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म छापकर बीएलओ के माध्यम से वितरित किए गए और इनका वितरण शत-प्रतिशत पूरा हुआ.

30 जून से शुरू हुई घर-घर गणना और डिजिटलीकरण प्रक्रिया 8 अगस्त को पूरी होगी. अब तक 5,54,32,132 फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो लगभग 100 प्रतिशत है. केवल 182 फॉर्म का डिजिटलीकरण शेष है.

सीईओ कार्यालय के अनुसार, 4,44,48,231 फॉर्म (80.18 प्रतिशत) मतदाताओं द्वारा जमा किए जाने के बाद डिजिटाइज किए गए हैं. वहीं 1,09,83,901 मतदाताओं (19.81 प्रतिशत) को एएसडीडीओ श्रेणी में चिह्नित किया गया है.

निर्वाचन आयोग ने एएसडीडीओ सूची को मान्यता प्राप्त Political दलों के साथ साझा किया है और इसे सत्यापन के लिए बीएलओ को भी उपलब्ध कराया गया है. यदि किसी मतदाता को लगता है कि उसे गलती से इस श्रेणी में रखा गया है, तो वह संबंधित बीएलओ या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) से संपर्क कर अपना एन्यूमरेशन फॉर्म बहाल करा सकता है.

सीईओ कार्यालय ने यह भी बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान 6,98,698 एन्यूमरेशन फॉर्म (कुल मतदाताओं का 1.26 प्रतिशत) ऑनलाइन जमा किए गए.

शहरी क्षेत्रों, विशेषकर Bengaluru में नए मतदाताओं के पंजीकरण को आसान बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने 10 लाख फॉर्म-6 छापकर संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं. इनका उपयोग बृहत Bengaluru महानगर पालिका (बीबीएमपी) और ग्रेटर Bengaluru प्राधिकरण (जीबीए) क्षेत्रों में नए मतदाताओं के नामांकन के लिए किया जाएगा.

डीएससी

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