बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद पर चर्चा के लिए कर्नाटक के सीएम ने कुमारस्वामी को भेजा निमंत्रण: जी. परमेश्वर

Bengaluru, 23 जून . कर्नाटक के उपChief Minister जी. परमेश्वर ने Tuesday को केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पर आरोप लगाया कि वे Bengaluru के पास प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय Political आलोचना कर रहे हैं.

सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल के घर के पास पत्रकारों से बात करते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्य Government का किसानों को हटाने का कोई इरादा नहीं है और वह बातचीत और आम सहमति से उनकी चिंताओं को दूर करने के बाद ही इस प्रोजेक्ट को लागू कर रही है.

उन्होंने कहा कि Government लोगों की शिकायतें सुन रही है, किसानों का भरोसा जीत रही है और बातचीत और आम सहमति से ही आगे बढ़ेगी.

जी. परमेश्वर ने साफ किया कि एच.के. पाटिल के घर जाना एक शिष्टाचार भेंट थी. उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और पाटिल उनसे मिलना चाहते थे. Tuesday को बाहर होने के कारण, उन्होंने सीनियर कांग्रेस नेता से व्यक्तिगत रूप से मिलने का फैसला किया.

उन्होंने कहा, “हमारी अच्छी बातचीत हुई. हमने भविष्य में संगठन को मजबूत करने और जनहित में Government के प्रभावी ढंग से काम करने के उपायों पर चर्चा की.”

क्या यह बैठक समान विचारधारा वाले नेताओं की थी, इस पर जी. परमेश्वर ने कहा कि वह और पाटिल कई दशकों से Political रूप से जुड़े रहे हैं और उनके बीच दोस्ती रही है.

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करते हुए परमेश्वर ने Chief Minister डी.के. शिवकुमार द्वारा कुमारस्वामी को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिए गए निमंत्रण का जिक्र किया.

परमेश्वर ने कहा, “Chief Minister ने Union Minister कुमारस्वामी को पत्र लिखकर 26 जून को सुबह 11 बजे मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा के लिए विधान सौधा बुलाया है. उन्होंने कुमारस्वामी से यह भी कहा है कि वे चाहें तो किसी भी विशेषज्ञ या प्रतिनिधि को साथ ला सकते हैं.”

उन्होंने बताया कि कुमारस्वामी ने जवाब में प्रस्ताव दिया कि चर्चा बिदादी में ही हो, जिसमें किसान और अन्य संबंधित लोग शामिल हों. साथ ही उन्होंने पहले से तय कार्यक्रमों के कारण इसे 26 जून के बजाय 27 जून को करने का अनुरोध किया.

उन्होंने कहा, “हमें देखना होगा कि Chief Minister इस अनुरोध पर क्या फैसला लेते हैं.”

परमेश्वर ने कहा कि टाउनशिप प्रोजेक्ट पर राज्य कैबिनेट में पहले ही चर्चा हो चुकी है, जिसमें बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडीए) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचयूडीसीओ) जैसी एजेंसियों के जरिए फंडिंग से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं.

उन्होंने चिंता जताई कि यह प्रोजेक्ट तेजी से Political रंग ले रहा है. उन्होंने कहा, “Government मिलकर तय करेगी कि इस प्रोजेक्ट को राजनीति से दूर रखते हुए सबसे अच्छे तरीके से कैसे लागू किया जाए. कुमारस्वामी कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र कर रहे हैं और इस मुद्दे को Political रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बजाय उन्हें अच्छे सुझाव देने चाहिए. हम उनकी चिंताओं को दूर करने और प्रोजेक्ट के पीछे की वजह समझाने के लिए तैयार हैं.”

उपChief Minister ने फिर कहा कि Government का मकसद किसानों को उनकी जमीन से बेदखल करना नहीं है.

उन्होंने कहा, “हम किसानों का भरोसा जीतना चाहते हैं और उनकी सहमति से ही आगे बढ़ना चाहते हैं. कुछ किसानों ने हमें बताया है कि उनके पास सूखी जमीन है और अगर उन्हें सही मुआवज़ा मिले तो वे इसे देने को तैयार हैं. अगर उचित मुआवज़ा दिया जाए, तो वे कहीं और जमीन खरीदकर खेती जारी रख सकते हैं. हम इसी तरीके को अपना रहे हैं.”

परमेश्वर ने चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को पूरी तरह से Political नजरिए से देखा गया, तो हालात मुश्किल हो जाएंगे.

विधान परिषद चुनावों में हाल ही में हुई क्रॉस-वोटिंग के विवाद को लेकर भाजपा नेताओं के धर्मस्थल में शपथ लेने की संभावना पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए परमेश्वर ने कहा, “उस मामले को भगवान मंजूनाथ पर छोड़ देते हैं.”

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एससीएच/वीसी

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