
Bengaluru, 29 अप्रैल . कर्नाटक में उमर खालिद से जुड़े कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भाजपा ने कांग्रेस Government पर तीखा हमला बोला है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इसे सत्ता का शर्मनाक दुरुपयोग बताया है.
आर. अशोक ने Wednesday को जारी बयान में कहा, “बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी राष्ट्रवादी आवाजों को दबाने और राज्य के युवाओं को डराने की सुनियोजित कोशिश है.”
उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि कर्नाटक भाजपा इसका डटकर मुकाबला करेगी. हम कर्नाटक को विभाजनकारी ताकतों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देंगे, जबकि देशभक्तों को जेल भेजा जाए.”
उन्होंने कांग्रेस Government पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “कर्नाटक की कांग्रेस Government हर सीमा पार कर चुकी है और अब खुले तौर पर गलत पक्ष का साथ दे रही है.”
अशोक ने कहा, “जब यूएपीए जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उमर खालिद जैसे लोगों को मंच और परोक्ष वैधता दी जाती है, जबकि विरोध करने वाले बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाता है, तो यह केवल पाखंड नहीं बल्कि मिलीभगत है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसी स्थिति बना दी गई है, जहां राष्ट्र के पक्ष में बोलने वालों को निशाना बनाया जाता है और विभाजनकारी विचारों पर सवाल उठाने वालों को चुप कराया जाता है.
भाजपा नेता ने कहा, “अगर कांग्रेस के वोट बैंक को फायदा होता है, तो सबसे विवादित लोगों को भी संरक्षण मिल जाता है. यह शासन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का खतरनाक विकृतिकरण है, जहां तुष्टिकरण नीति है और दमन रणनीति.”
उन्होंने सवाल किया, “क्या कर्नाटक अब ऐसा राज्य बन गया है, जहां देशभक्ति को सजा दी जाती है और उकसावे को संरक्षण मिलता है?”
दरअसल, Tuesday को बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं ने डोमलूर स्थित बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर के पास प्रदर्शन किया था. वे कर्नाटक Government द्वारा जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद पर आधारित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को अनुमति दिए जाने का विरोध कर रहे थे.
उमर खालिद फिलहाल 2020 दिल्ली दंगा मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं.
प्रदर्शन के दौरान बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस Government के खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर दिखाए, जिनमें कथित तौर पर “अर्बन नक्सल” और आतंकवाद समर्थकों का विरोध जताया गया था.
Police ने पहले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया. कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने की मांग को लेकर Monday को Bengaluru Police आयुक्त सीमांत कुमार सिंह को ज्ञापन भी सौंपा गया था.
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डीएससी