
Bengaluru, 4 मार्च . कर्नाटक भाजपा ने Wednesday को राज्य की कांग्रेस Government पर अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) और जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के तहत आवंटित धनराशि में कथित हेराफेरी का आरोप लगाया और Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने की मांग की.
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य Government ने लगातार तीन बजटों में एससी/एसटी कल्याण के लिए निर्धारित धन को अपनी गारंटी योजनाओं के लिए व्यवस्थित रूप से डायवर्ट किया है. उन्होंने इसे दलित और आदिवासी समुदायों के संसाधनों की “साल-दर-साल योजनाबद्ध लूट” करार दिया.
अशोक के अनुसार, एससीएसपी और टीएसपी के तहत आधिकारिक रूप से आवंटित 42,018 करोड़ रुपये में से करीब 35,000 करोड़ रुपये गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन में लगा दिए गए, जिससे लक्षित विकास कार्यक्रमों के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये ही बचे. उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण के लिए निर्धारित करीब 39,000 करोड़ रुपये का दुरुपयोग हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य इन फंडों को Chief Minister की कथित वित्तीय कुप्रबंधन की भरपाई के लिए “निजी गुल्लक” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
अशोक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर “जितनी आबादी, उतना हक” का नारा देने वाले नेता कर्नाटक में हो रहे इस “ऐतिहासिक अन्याय” पर चुप हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या फंड का कथित डायवर्जन कांग्रेस की समानता और सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता के अनुरूप है.
विपक्ष के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस Government अपनी “फ्रीबी राजनीति” को जारी रखने के लिए बार-बार एससी/एसटी आवंटन को निशाना बना रही है, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला है.
अशोक ने चेतावनी दी कि 70 से अधिक संगठन इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार हैं. उन्होंने Chief Minister सिद्दारमैया से आगामी बजट में स्पष्ट आश्वासन देने की मांग की कि एससीएसपी और टीएसपी फंड में किसी भी तरह का कथित डायवर्जन रोका जाएगा.
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डीएससी