जेपी नड्डा ने जयपुर में तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेकर शहीदों को किया नमन, स्वतंत्रता सेनानी से की भेंट

New Delhi, 9 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले jaipur में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रभक्ति, सेवा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को मजबूत किया. उन्होंने अमर जवान ज्योति स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया.

इसके बाद जेपी नड्डा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने jaipur में 10 नवीन रक्त संग्रहण एवं परिवहन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो प्रदेश में रक्त संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

इसके पश्चात उन्होंने अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक तिरंगा यात्रा में शामिल होकर उसे संबोधित किया. इस दौरान Rajasthan के Chief Minister भजन लाल शर्मा, उपChief Minister दिया कुमारी, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित रहे.

जगत प्रकाश नड्डा ने ‘India माता की जय’ के नारों के साथ तिरंगा यात्रा में अपने संबोधन की शुरुआत की और Rajasthan की पावन भूमि को वीरों और कर्मवीरों की भूमि बताते हुए शत-शत नमन किया. नड्डा ने कहा कि तिरंगा और हमारा राष्ट्रीय ध्वज लाखों देशवासियों के खून, पसीने, जवानी और जीवन के बलिदान के बाद हमें मिला है. यह तिरंगा यात्रा उन वीर सपूतों और राष्ट्रभक्तों को नमन करने और उनसे ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया.

उन्होंने कहा कि India न केवल आजाद हुआ, बल्कि ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ के रूप में India में दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र की पुनर्स्थापना हुई. तिरंगा यात्रा कोई साधारण यात्रा या केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भावनाओं से जुड़ी हुई एक ऐसी ऊर्जा है जो 140 करोड़ देशवासियों को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्र के लिए मर-मिटने की दिशा और दृष्टि प्रदान करती है.

Union Minister ने राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को India ने संवैधानिक रूप से आत्मसात किया था. इससे पूर्व 1906 में स्वदेशी आंदोलन के दौरान पहली बार पारसी बागान स्क्वायर, कोलकाता में राष्ट्रध्वज की भावना के साथ एक ध्वज फहराया गया था. इसके बाद 1921 में बेजवाड़ा (विजयवाड़ा) के कांग्रेस अधिवेशन में पिंगली वेंकैया नाम के नौजवान ने महात्मा गांधी को तिरंगे का सपना दिखाया था, जिसमें तीन रंगों के साथ चरखा दर्शाया गया था.

उन्होंने कहा कि जुलाई 1947 में इसमें धर्म चक्र (अशोक चक्र) शामिल कर इसे अंतिम रूप दिया गया. केसरिया साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद सत्य और शांति का प्रतीक है, हरा रंग हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है, तथा बीच में स्थित अशोक चक्र परिवर्तन, प्रगति और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

नड्डा ने कहा कि 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi ने तिरंगे को केवल Governmentी भवनों तक सीमित न रखकर इसे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से एक जन आंदोलन में बदल दिया. इसके बाद से देश भर में प्रभात फेरियां और तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाने लगीं, जिससे करोड़ों की संख्या में तिरंगे फहराए गए. यह अभियान India की एकता, विविधता और अखंडता का जीवंत प्रतीक बन चुका है.

संसद में पारित हालिया कानून का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर अमेंडमेंट एक्ट 2026’ के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और सुदृढ़ किया गया है. 1971 के मूल कानून में संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज का अपमान दंडनीय बनाया गया था, लेकिन तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम (राष्ट्रगीत) को उसमें शामिल नहीं किया गया था. अब इस नए संशोधन के बाद राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत (वंदे मातरम), राष्ट्रध्वज और संविधान में से किसी का भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति और ‘भारतीयकरण’ के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राजपथ अब कर्तव्य पथ बन चुका है, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक कर्तव्य भवन में परिवर्तित हो गए हैं, इंडिया गेट पर जॉर्ज पंचम की जगह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई है, मुगल गार्डन का नाम अमृत उद्यान और पीएमओ (Prime Minister कार्यालय) का नाम सेवा तीर्थ किया गया है, जहां ‘नागरिक देवो भव’ की भावना सर्वोपरि है.

नड्डा ने देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि 12-13 साल पहले India को ‘फ्रेजाइल फाइव’ और पॉलिसी पैरालिसिस वाला देश कहा जाता था, लेकिन आज Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India विश्व स्तर पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है. वैश्विक आर्थिक मंदी और युद्ध के दौर में भी वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं India के उज्ज्वल भविष्य की पुष्टि कर रही हैं. वर्ल्ड बैंक के अनुसार India की जीडीपी ग्रोथ रेट 2027 में 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 2028 में 7.2 प्रतिशत होने का अनुमान है.

अंत में नड्डा ने सभी से इस तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने और Prime Minister मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व महान India के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.

डीकेपी/

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