आईपीएल, एसए20 से प्रेरणा लेकर ईटीपीएल में प्रतिभाओं का पूल बनाया जाएगा: जोंटी रोड्स

New Delhi, 2 जुलाई . दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और अपनी फील्डिंग की वजह से पूरी दुनिया में बड़ी लोकप्रियता हासिल करने वाले जोंटी रोड्स का मानना है कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) पूरे महाद्वीप में क्रिकेट को विकसित करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है. उन्होंने कहा कि ईटीपीएल के विकास में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और एसए20 के अनुभव काम आएंगे.

रोड्स ने कहा कि लीग की लंबी अवधि का लक्ष्य यूरोप में प्रतिभाओं का पूल बढ़ाना और जमीनी स्तर पर क्रिकेट को मजबूत करना होना चाहिए, न कि सिर्फ एक चैंपियन टीम बनाना. उन्होंने यह बात रॉटरडैम के अपने ओपनिंग पिक में उभरते हुए आयरलैंड के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जय मूंदड़ा को चुनने के बाद कही.

रोड्स ने मीडिया से बातचीत के दौरान के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लीग का लक्ष्य ट्रॉफी जीतने के साथ ही प्रतिभाओं के पूल को बढ़ाना है. 2009 से आईपीएल में काम करने और बाद में एसए20 के तेजी से आगे बढ़ते हुए देखने के बाद, मुझे लगता है कि फ्रेंचाइजी लीग ने दिखाया है कि वे पेशेवर स्तर से आगे क्रिकेट के माहौल को कैसे बदल सकते हैं.

उन्होंने कहा, हम उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के अलावा जमीनी स्तर के नजरिए से भी देख रहे हैं. यही मैंने 2009 से इंडियन प्रीमियर लीग में काम करते हुए देखा है. दक्षिण अफ्रीका टी20 लीग (एसए20) को बहुत करीब से सफल होते हुए देखा है.

रोड्स ने कहा, “हमारे रग्बी टीम ने लगातार दो विश्व कप जीते. इससे क्रिकेट देश में लोकप्रियता के मामले में रग्बी से पीछे रह गया था. एसए20 ने दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी फिर से जगाई है. एसए20 की वजह से क्रिकेट के प्रति बच्चों में रोमांच बढ़ा है. ठीक उसी तरह जिस तरह फीफा विश्व कप की वजह से देश में फुटबॉल का क्रेज बढ़ा है. ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं.”

उन्होंने कहा, “ईटीपीएल ठीक यही मौका देता है क्योंकि यह यूरोप के क्रिकेटिंग माहौल में खुद को जमाना चाहता है. यह सिर्फ छोटे खिलाड़ियों या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है. यह जमीनी स्तर पर पूल को विकसित करने और बढ़ाने के बारे में है. मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक अहम फैक्टर होगा. हम खेल को उससे बेहतर जगह पर छोड़ना चाहते हैं, जहा हमने पाया था.”

55 साल के रोड्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि लीग का मकसद पहले से मौजूद यूरोपीय क्रिकेट देशों से आगे होना चाहिए. स्वीडन को ढाई साल तक कोचिंग देने के बाद मुझे लगता है कि पूरे कॉन्टिनेंट में क्रिकेट के लिए जुनून है. यह क्रिकेट के लिए अहम है.

रोड्स का मानना ​​है कि उस बड़े इकोसिस्टम को बढ़ावा देना लीग की सफलता के लिए जरूरी होगा.

उन्होंने जोर देकर कहा, “मुझे लगता है कि लगभग 30 देश आईसीसी के सदस्य हैं. दो सीजन तक स्वीडिश टीम को कोचिंग देने के बाद, यह देखना वाकई दिलचस्प था कि पूरे यूरोप में लोग क्रिकेट को लेकर कितने जुनूनी हैं. हम जो करने की कोशिश करेंगे, उसका एक बड़ा हिस्सा यह निश्चित करना होगा कि जमीनी स्तर तक का विकास शीर्ष खिलाड़ियों के साथ-साथ हो.”

पीएके

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