
रांची, 4 दिसंबर . Jharkhand के पूर्व Chief Minister चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन Government और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाया है. पूर्व सीएम ने दावा किया कि स्वास्थ्य मंत्री का नाम एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) की अधिकृत डॉक्टरों की सूची में शामिल नहीं है, फिर भी वे Governmentी अस्पतालों के ओपीडी में डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए वीडियो और रील बनवा रहे हैं.
पूर्व सीएम ने इसे मरीजों की जान से खिलवाड़ बताते हुए सवाल किया कि राज्य में अगर एक फर्जी डॉक्टर की दवा से किसी मरीज को नुकसान हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. वहीं, Government पर जुबानी हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अखबारों में खबरें आई हैं कि रिम्स (आरआईएमएस) की जमीन पर कब्जा कर अपार्टमेंट बनाया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी बहुमंजिला इमारत बिना सिस्टम की जानकारी और सहमति के कैसे खड़ी हो सकती है?
चंपई सोरेन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “Jharkhand के स्वास्थ्य मंत्री का नाम एनएमसी के अधिकृत डॉक्टरों की लिस्ट में नहीं है, लेकिन रील बनवाने के लिए वे Governmentी अस्पतालों के ओपीडी में डॉक्टर की भूमिका में बैठ कर मरीजों की जान को खतरे में डाल रहे हैं. जिस राज्य में मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाया जाता हो, जहां के अस्पतालों में अव्यवस्था की खबरें रोज अखबारों में छपती हों, जहां हर दूसरे दिन खाट पर जाते मरीजों की तस्वीरें वायरल होती हों, वहां अगर इस फर्जी डॉक्टर की दवा से किसी मरीज को कुछ हो जाए, तो कौन जिम्मेदार होगा?”
उन्होंने आगे कहा कि वैसे आज अखबार में देखा कि रिम्स की जमीन को कब्जा कर के, उस पर अपार्टमेंट बनाया जा रहा है. इतनी बड़ी बहुमंजिला इमारत बिना सिस्टम की जानकारी/ सहमति के तो नहीं बन रही होगी? एक रिम्स की भूमि का बंदरबांट करने के बाद ये लोग नगड़ी में आरआईएमएस-2 के नाम पर आदिवासी/ मूलवासी किसानों की जमीन लूट कर उसका भी यही हस्र करने वाले थे क्या?
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि Jharkhand की इस तथाकथित अबुआ Government का नियम एकदम स्पष्ट है, जो जितना बड़ा नौटंकीबाज, जो जितना बड़ा भ्रष्ट्राचारी, वो उतना बड़ा.
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पीएसके