झारखंड विधानसभा: सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में अंगदान पर प्रभावी कानून बनाने की घोषणा की

रांची, 20 फरवरी . Jharkhand विधानसभा के बजट सत्र में Governor के अभिभाषण पर दो दिनों तक चली चर्चा का Friday को जवाब देते हुए Chief Minister हेमंत सोरेन ने अंगदान को लेकर राज्य में प्रभावी कानून बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि केंद्र स्तर पर कानून और नीति मौजूद होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं.

राज्य Government कानूनी ढांचा मजबूत करने के साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनदान मिल सके.

Chief Minister ने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को इंसानियत का संदेश देती हैं. जब किसी की जान बचाने की बात होती है तो धर्म और जाति की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं.

उन्होंने इसे मानवता का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए कहा कि राज्य Government इस दिशा में ठोस पहल करेगी. सीएम ने वर्ष 2050 तक Jharkhand को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य दोहराते हुए कहा कि Government दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और अंगदान पर प्रस्तावित कानून इसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है.

उन्‍होंने कहा कि Jharkhand के 25 वर्षों के बजट सत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है जब Governor के अभिभाषण पर विपक्ष की ओर से एक भी संशोधन प्रस्ताव नहीं लाया गया. इससे स्पष्ट है कि विपक्ष बाहर बयानबाजी करता है, लेकिन सदन के भीतर कोई ठोस पहल नहीं करता. Government कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रही है और उसकी उपलब्धियां जनता को दिखाई दे रही हैं.

Chief Minister का भाषण शुरू होते ही प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने सदन का बायकॉट कर दिया. विपक्ष पर निशाना साधते हुए Chief Minister ने कहा, “पेड़ बबूल का लगाएंगे तो आम कहां से फलेगा? बबूल का पेड़ आप लोगों ने लगाया था, जिसे हटाकर हमने आम लगाया है.”

उन्होंने कहा कि पहले Jharkhand दूसरे राज्यों के मॉडल अपनाता था, लेकिन अब राज्य की योजनाओं की चर्चा दूसरे प्रदेशों में हो रही है. सीएम ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद Government सामाजिक सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है.

हेमंत सोरेन ने देश में बढ़ते कर्ज और केंद्र की धान क्रय नीति पर विपक्ष से सवाल किया कि यदि बाहरी राज्यों से धान आएगा तो स्थानीय किसानों का भविष्य क्या होगा. जेपीएससी की उम्र सीमा से जुड़े मुद्दे पर Chief Minister ने कहा कि Government इस विषय को गंभीरता से ले रही है और सकारात्मक निर्णय की दिशा में पहल हो रही है. सीएम ने कहा कि Government के कामकाज पर नजर रखना विपक्ष की जिम्मेदारी है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति जनता के प्रति उदासीनता दर्शाती है.

एसएनसी/एएसएच

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