
श्रीनगर, 28 अप्रैल . ग्रामीण विकास मंत्रालय ने Tuesday को बताया कि Government ने Prime Minister ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र में ग्रामीण संपर्क, कृषि और आजीविका को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर के एसके आईसीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में Chief Minister उमर अब्दुल्ला को पीएमजीएसवाई-IV (बैच-II) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए स्वीकृति पत्र सौंपा.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक वर्ष के भीतर इस पैमाने की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति Government की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-IV अनुमोदन के दोनों चरणों में केंद्र शासित प्रदेश को प्राथमिकता दी गई थी. उन्होंने कहा कि सिर्फ सड़क बनाना ही लक्ष्य नहीं था, बल्कि दूरदराज के गांवों, बस्तियों और दुर्गम क्षेत्रों को स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों जैसी आवश्यक सेवाओं से जोड़ना था, जिससे उन्हें विकास की मुख्यधारा में एकीकृत किया जा सके.
Union Minister ने व्यापक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government न केवल सड़कें बनाने के लिए बल्कि ‘दिलों को जोड़ने’ के लिए भी प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए दिल और दिल्ली दोनों के दरवाजे खुले हैं.
सड़क परियोजनाओं के अलावा, महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत 4,568.23 करोड़ रुपए से अधिक की ‘मूल स्वीकृति’ भी जारी की गई.
मंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ध्यान केवल ‘लखपति दीदियों’ को तैयार करने पर ही नहीं बल्कि उन्हें मजबूत और टिकाऊ उद्यमियों में बदलने पर भी है.
चौहान ने यह भी घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की एक टीम को जम्मू-कश्मीर में जलवायु, मिट्टी, जल संसाधनों और कृषि क्षमता का अध्ययन करने और एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के लिए भेजा जाएगा.
इस बीच, सीएम उमर अब्दुल्ला ने इन पहलों का स्वागत किया और लगभग 8,000 करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी को असाधारण बताया. उन्होंने कहा कि एक ही चरण में इतनी बड़ी मात्रा में परियोजनाओं की मंजूरी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और बिखरी हुई आबादी वाले क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई के पहले के चरणों ने दूरदराज के क्षेत्रों को स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजारों से जोड़कर कनेक्टिविटी में पहले ही बदलाव ला दिया है और कहा कि चरण-IV शेष बस्तियों को जोड़ने में मदद करेगा.
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