
जालंधर, 15 जनवरी . पंजाब के जालंधर की एक अदालत ने Thursday को दिल्ली की पूर्व Chief Minister आतिशी की विशेषता वाले एक ‘छेड़छाड़ किए गए’ वीडियो को हटाने और ब्लॉक करने का आदेश दिया. इस वीडियो को दिल्ली Government में मंत्री कपिल मिश्रा ने शेयर किया था.
वीडियो क्लिप में कथित तौर पर उन्हें नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था. इसको सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया हुआ पाया गया.
साइबर अपराध Police के एक आवेदन पर कार्रवाई करते हुए, जालंधर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कहा कि वीडियो का प्रसार राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक सद्भाव के लिए खतरा पैदा करता है. न्यायालय ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 3 (डी) का हवाला देते हुए मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), एक्स और टेलीग्राम को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया.
अदालत ने फैसला सुनाया, “कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल और किसी भी हालत में अदालत के आदेश की प्राप्ति के 24 घंटों के भीतर हटाने का निर्देश दिया जाता है.” इसके साथ ही अदालत ने 10 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी.
अदालत के आदेश को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने मीडिया को बताया कि जालंधर अदालत ने उस मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कपिल मिश्रा ने एक फर्जी वीडियो जारी कर गुरुओं का अपमान किया था.
उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा साझा किया गया वीडियो छेड़छाड़ किया हुआ पाया गया था.
पिछले सप्ताह जालंधर Police कमिश्नरेट ने कहा कि इकबाल सिंह की शिकायत पर आतिशी के संपादित और छेड़छाड़ किए गए वीडियो को अपलोड और प्रसारित करने के संबंध में First Information Report दर्ज की गई है.
social media पर कई पोस्ट अपलोड किए गए हैं जिनमें एक छोटा वीडियो क्लिप है, जिसमें कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और ईशनिंदा वाली टिप्पणियां करती हुई दिखाई दे रही हैं. इन पोस्ट के साथ बेहद भड़काऊ कैप्शन भी दिए गए हैं.
जालंधर Police आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा था कि जांच वैज्ञानिक तरीके से की गई है और आतिशी की आवाज वाला वीडियो क्लिप कपिल मिश्रा के social media प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया गया था और फोरेंसिक जांच के लिए मोहाली स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक को भेजा गया था.
यहां तक कि Chief Minister भगवंत सिंह मान ने भी आतिशी के विधानसभा वीडियो के साथ ‘छेड़छाड़’ को लेकर भाजपा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘पंजाब में सांप्रदायिक अशांति भड़काने की एक सोची-समझी साजिश’ बताया था.
Chief Minister ने कहा था कि धर्मनिरपेक्ष पंजाब Government इस तरह के Political हथकंडों को सफल नहीं होने देगी और वीडियो को गलत सबटाइटल के साथ पोस्ट किया गया था, जो ‘बेअदबी’ (अपवित्रता) का कृत्य है, और उन्होंने आगे कहा कि फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया है कि आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द का प्रयोग नहीं किया था.
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एएमटी/डीकेपी