
तेल अवीव/बेरूत, 4 जून . इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने Thursday को कहा कि संघर्ष विराम के बावजूद फिलहाल दक्षिणी लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. उनके अनुसार सैन्य अभियान जारी रहेगा और विस्थापित लेबनानी नागरिकों को अभी वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
उनकी यह टिप्पणी उस घोषणा के एक दिन बाद आई, जिसमें लेबनान और इजरायल ने वाशिंगटन में हुई वार्ताओं के दौरान युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई थी. यह समझौता हिज्बुल्लाह के गोलीबारी बंद किए जाने की शर्त पर आधारित है.
एक बयान में काट्ज ने कहा कि इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में स्थापित तथाकथित “सुरक्षा क्षेत्र” में बने रहेंगे, जिसमें ब्यूफोर्ट किले का इलाका भी शामिल है. लगभग 900 वर्ष पुराने इस किले पर इजरायल ने Saturday (30 मई) को कब्जा किया था.
उन्होंने कहा कि इजरायल क्षेत्र में “आतंकी ढांचे को ध्वस्त” करने की कार्रवाई जारी रखेगा. साथ ही, अमेरिका के समर्थन से इजरायल को बेरूत में इजरायली क्षेत्रों पर होने वाले किसी भी हमले के जवाब में कार्रवाई करने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी.
वहीं, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका की मध्यस्थता से हुए इजरायल-लेबनान समझौते की आलोचना करते हुए इसे “बड़ी गलती” बताया है.
उन्होंने कहा कि यह समझौता उन सलाहकारों की “कल्पनाओं” का परिणाम है जो Prime Minister को गलत निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
बेन-ग्वीर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हिज्बुल्लाह केवल और अधिक मजबूत होगा, और उसे पराजित करने के बजाय इजरायल उसके अस्तित्व को स्वीकार कर रहा है.”
उन्होंने आगे कहा, “कुछ अवसर ऐसे होते हैं जब अमेरिका के President को भी ‘नहीं’ कहना आवश्यक होता है. यदि हम ऐसा नहीं करते, तो अगली बार हमें हिज्बुल्लाह का सामना कहीं अधिक शक्तिशाली और खतरनाक रूप में करना पड़ेगा.”
इस बीच, लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी एनएनए के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के जेफ्ता-कफरवा मार्ग पर एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली ड्रोन हमले में कई लोग घायल हो गए.
यह हमला ऐसे समय हुआ जब इजरायल और लेबनान की Governmentों ने वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी अधिकारियों की मध्यस्थता से हुई बैठकों के बाद संघर्ष समाप्त करने और संघर्ष विराम लागू करने पर सहमति जताई थी.
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केआर/