
New Delhi, 28 फरवरी . ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा दिया है. ताजा हालात ने दुनियाभर में नागरिकों की शांति और सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता पैदा कर दी है. इस बीच India के नेताओं और सांसदों ने विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “मैं भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हूं. पूरे इलाके में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही हैं. कॉमन सेंस तो यही कहता है कि जब ये हमले हो रहे हों तो उन्हें अमेरिका और उसके साथी देशों के सैन्य बेस से दूर रहना चाहिए. अबू धाबी पर मिसाइल हमले में एक ‘एशियाई नागरिक’ के मारे जाने की खबर है. दोस्तों, सुरक्षित रहो.”
Lok Sabha सांसद केसी वेनुगोपाल ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “ईरान में हाल ही में इजरायल-यूएस की संयुक्त सैन्य कार्रवाई और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भारतीय नागरिकों में गहरी चिंता और डर पैदा कर दिया है. केरल के कई लोगों समेत बड़ी संख्या में भारतीय इस इलाके में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं.”
उन्होंने पीएम मोदी और विदेश मंत्रालय से विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कहा, “इस मुश्किल समय में मैं Prime Minister Narendra Modi और विदेश मंत्रालय से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सिक्योरिटी और भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी डिप्लोमैटिक और लॉजिस्टिकल कदम उठाने की अपील करता हूं.”
उन्होंने आगे कहा कि हमारे जिन नागरिकों को सबसे ज्यादा खतरा है, और जो घर लौटना चाहते हैं, उनके सुरक्षित रास्ते और निकालने के लिए भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए.
कश्मीर के 14वें मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, “हम इजरायल के ईरान पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं. इस इलाके में इजरायल के हमले, खासकर फिलिस्तीनियों के मामले में, के लिए इंटरनेशनल जवाबदेही की कमी ने उसे बिना किसी सजा के, इस तरह के जानबूझकर काम करने के लिए हिम्मत दी है. अमेरिका के साथ मिलकर, इजरायल ने अब इस इलाके को एक खतरनाक बढ़त की ओर धकेल दिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक बड़ा इलाकाई झगड़ा शुरू होने और दुनिया की शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने का खतरा है. हमारी दुआएं ईरान और इलाके के हिम्मत वाले लोगों के साथ हैं, जो इस हमले का सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं. अल्लाह उनकी रक्षा करे और बेहतर समझ और इंसानियत की जीत हो.”
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने भी हालात पर चिंता जाहिर की है और कहा, “ऑस्ट्रेलिया, ईरान के बहादुर लोगों के जुल्म के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़ा है. कई दशकों से, ईरानी Government अपने बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, हथियारबंद प्रॉक्सी को सपोर्ट और हिंसा और डराने-धमकाने के क्रूर कामों के जरिए एक अस्थिर करने वाली ताकत रही है. ईरान ने 2024 में ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर कम से कम दो हमले किए. ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए इन भयानक कामों का मकसद डर पैदा करना, हमारे समाज को बांटना और हमारी आजादी को चुनौती देना था. इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के राजदूत को निकालने, तेहरान में हमारे दूतावास में ऑपरेशन सस्पेंड करने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश की लिस्ट में डालने जैसे पहले कभी नहीं देखे गए कदम उठाए.”
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केके/डीकेपी