‘इडियट को इडियट बोलना गुनाह है क्या’, राहुल गांधी को मिले नोटिस पर संजय राउत ने उठाए सवाल

Mumbai , 16 अगस्त . शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को Lok Sabha सचिवालय से नोटिस मिलने पर केंद्र Government पर निशाना साधा है.

राहुल गांधी को नोटिस मिलने के सवाल पर संजय राउत ने कहा, “उन्हें क्यों नोटिस भेजा गया है? उन्होंने किसी को ‘इडियट’ कहा. क्या ‘इडियट’ कहना कोई असंसदीय शब्द है? हमारे गृह मंत्री, जिन्होंने जंतर-मंतर पर छोटे बच्चों के खिलाफ पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस छोड़े, कील वाली लाठियों से उन्हें मारा. अगर वे संसद में नहीं आते हैं और जवाब नहीं देते हैं तो उन्हें आप क्या कहेंगे?”

उन्होंने कहा, “आमिर खान की एक फिल्म भी आई थी, ‘3 इडियट’. उसे बहुत से पुरस्कार मिले हैं. अगर ‘इडियट’ शब्द असंसदीय है तो इस फिल्म को सेंसर ने मंजूर कैसे किया?”

संजय राउत ने सवाल किया, “इडियट को इडियट बोलना इस देश में गुनाह है क्या?”

Maharashtra Government के मंत्री नितेश राणे के कांवड़ यात्रा निकालने पर भी संजय राउत ने तंज कसा. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता. वह कांवड़ यात्रा कार में निकाल रहे थे, जिसमें उनके माता-पिता बैठे थे? वह खुद को श्रवण कुमार के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे. ये सब इडियट हैं. राहुल गांधी ने बिल्कुल सही शब्द इस्तेमाल किया है. उन्होंने इस देश में अंधभक्त और इडियट दोनों तैयार कर दिए हैं.”

बता दें कि ठाणे में मुंबरेश्वर देवी और विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया. इस धार्मिक आयोजन में Maharashtra Government के मंत्री नितेश राणे भी शामिल हुए.

योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा, “रामदेव बाबा को अब एहसास हो गया है कि देश में हवा बदल रही है. इसका मतलब है कि उन्हें पता है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जा रहे हैं, इसलिए बाबा रामदेव ने अपनी निष्ठा की दिशा बदल ली है.”

बता दें कि बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि Governmentी भर्तियों में पैसों के लेन-देन और भ्रष्टाचार के जरिए चहेते लोगों को भरा जा रहा है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में शिक्षकों, पानी और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है. Government को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ये ‘घपले’ नहीं सुधरे, तो युवाओं और छात्रों के बीच असंतोष के चलते बड़े आंदोलन फिर से शुरू हो सकते हैं.

वीकेयू/एएस

Leave a Comment