आईपीएल 2026 : पिता का निधन, फॉर्म पर उठे सवाल, रिंकू ने फिर बहादुरी से दिया बल्ले से जवाब

New Delhi, 27 अप्रैल . 27 फरवरी, 2026 को रिंकू सिंह के सिर से पिता का साया उठ गया. टी20 विश्व कप 2026 में ज्यादा मौके नहीं मिले. आईपीएल 2026 में खेलने उतरे, तो शुरुआती छह मुकाबलों में फॉर्म ने साथ नहीं दिया. हर तरफ आलोचना होने लगी और बल्लेबाजी पर सवाल खड़े कर दिए गए. हालांकि, रिंकू शांत रहे, और उन्होंने 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जिसका शोर दूर तक सुनाई दिया.

आईपीएल 2026 की पहली पांच पारियों में रिंकू के नाम सिर्फ 79 रन दर्ज थे. पिता के निधन से जिंदगी में तो दुखों का पहाड़ टूटा ही था और मैदान पर भी कुछ सही नहीं हो रहा था. हर कोई टी20 क्रिकेट में रिंकू के फॉर्म पर सवाल उठाने लगा था. उम्मीदें टूटने लगी थीं और बाएं हाथ के बल्लेबाज पर दबाव जरूरत से अधिक बढ़ रहा था. हालांकि, रिंकू के हौसले और इरादे अभी भी पूरी तरह से मजबूत थे.

रिंकू ने 19 अप्रैल 2026 को Rajasthan रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में फॉर्म में वापसी की. 52 के स्कोर पर 4 विकेट खोकर मुश्किल में नजर आ रही कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की पारी के रिंकू पालनहार बने. रिंकू Rajasthan रॉयल्स के गेंदबाजों से अंत तक अकेले ही लोहा लेते रहे और उन्होंने 34 गेंदों में नाबाद 53 रनों की शानदार पारी खेली. रिंकू की इस जुझारू पारी ने केकेआर को Rajasthan रॉयल्स के खिलाफ सीजन की पहली जीत दिलाई.

हालांकि, रिंकू इस बात को अच्छे से जानते थे कि आलोचकों के मुंह पर ताला लगाने के लिए सिर्फ एक पारी काफी नहीं होगी. 26 अप्रैल 2026 को Lucknow सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ केकेआर की पारी एक बार फिर बुरी तरह लड़खड़ाई. 31 के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते 4 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. क्रीज पर उतरे रिंकू को मालूम था कि यहां से अगर बड़ी पारी खेलकर टीम की लाज बचाई, तो वह तमाम तरह के उठ रहे सवालों पर पूर्व विराम लगा देंगे.

रिंकू ने मोर्चा संभाला और केकेआर की पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया. अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रिंकू की बैटिंग में सूझबूझ और पारी को बुनने की बेहतरीन कला भी नजर आई, जो इस बात को साबित कर रही थी कि यह पारी उनके लिए कितना महत्व रखती है. 51 गेंदों में रिंकू के बल्ले से 83 रन निकले.

पारी के आखिरी ओवर में रिंकू ने एक के बाद एक लगातार चार छक्के लगाकर दिखाया कि उन्हें कम आंकने की भूल न की जाए. 83 रनों की पारी में उन्होंने 7 चौके और 5 छक्के लगाए. इसके बाद सुपर ओवर में बल्लेबाजी का मौका मिला और बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर केकेआर को यादगार जीत दिला दी. रिंकू ने अपनी इस पारी से इन लाइनों को खुद के लिए एकदम सही साबित करके दिखाया है, “शाखों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम, आंधी से कह दो औकात में रहे.”

एसएम/एबीएम

Leave a Comment