राजस्थान फर्जी पत्र विवाद: जयपुर में चार आरोपियों से पूछताछ जारी

jaipur, 23 अप्रैल . महिला आरक्षण से जुड़े एक फर्जी पत्र के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों से Rajasthan Police ने पूछताछ की है. यह फर्जी पत्र पूर्व Chief Minister वसुंधरा राजे के नाम से जारी किया गया था. social media पर पत्र वायरल होने के बाद Rajasthan Police ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Rajasthan Police के अधिकारियों ने Thursday को जानकारी दी कि गिरफ्तारी सभी आरोपियों को Tuesday को jaipur लाया गया था. फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ चल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह फर्जी दस्तावेज कहां से बना और कैसे फैला.

डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज के अनुसार, आरोपियों की पहचान बिलाल खान (27), निखिल प्रजापत (22) और इनाम अहमद (29) के रूप में हुई है. ये सभी Madhya Pradesh के Bhopal के रहने वाले हैं. इनके अलावा, अमृता धुमल (37) भी आरोपी हैं, जो पंजाब के मोहाली की रहने वाली हैं.

यह मामला एक न्यूज चैनल की औपचारिक शिकायत के बाद सामने आया था. इस न्यूज चैनल के लोगो का इस्तेमाल उस वायरल पत्र में किया गया था, जो वसुंधरा राजे के नाम से वायरल हुआ था. जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि इस दस्तावेज को बनाने के लिए किन एआई टूल्स का इस्तेमाल किया गया और इसे किन खास माध्यमों से फैलाया गया. अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है.

इस बीच, Madhya Pradesh हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के Rajasthan Police को सौंपे जाने के मामले पर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी न्यायिक आदेश या ट्रांजिट रिमांड के अभाव में यह कार्रवाई पहली नजर में ही गैर-कानूनी प्रतीत होती है.

एक डिवीजन बेंच ने Bhopal Police के रवैये पर सवाल उठाए और Police कमिश्नर को निर्देश दिया कि वे इस मामले की विस्तृत जांच करें और एक रिपोर्ट पेश करें.

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी के Rajasthan प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने वसुंधरा राजे का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए उचित निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों पर अक्सर इस तरह की साजिशों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि राजे पहले ही सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी हैं.

डीसीएच/

Leave a Comment