गुजरात में अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया गया, मुख्यमंत्री पटेल ने सामूहिक सतर्कता का आह्वान किया

गांधीनगर, 9 दिसंबर . Gujarat में Tuesday को “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है” थीम के साथ राज्य स्तरीय समारोह में अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया गया, जिसकी अध्यक्षता Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने की और उपChief Minister हर्ष संघवी ने भी इसमें भाग लिया.

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले Police कर्मियों को सम्मानित किया गया, साथ ही उन चार साहसी नागरिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिकायत दर्ज कर भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने और गिरफ्तार करने में मदद की.

भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता पर राज्य स्तरीय निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में विजयी 12 छात्रों को भी सम्मानित किया गया. उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने कहा कि एसीबी गरीबों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया विभाग है.

नैतिक आचरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी को कभी भी अपने अधिकार से ज्यादा नहीं लेना चाहिए. यही वह मूल्य है जो हमारी संस्कृति ने हमें दिया है. जब हमारा काम हमें आंतरिक संतुष्टि देता है, तो वही सच्चा कर्तव्य है. एसीबी की छवि ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी पकड़े जाने के डर में हमेशा रहें, ताकि भ्रष्टाचार कभी जड़ न पकड़ सके.

उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” दृष्टिकोण का आह्वान करते हुए एसीबी से भ्रष्टाचार मुक्त Gujarat बनाने और राज्य के विकास में तेजी लाने के लिए कड़ी निगरानी बनाए रखने का आग्रह किया.

उपChief Minister हर्ष संघवी ने सभी स्तरों के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में एसीबी के साहस की प्रशंसा की तथा कहा कि राज्य ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति सहित कठोर कार्रवाई की है, जो Chief Minister के सख्त रुख को दर्शाता है.

संघवी ने शिकायतों पर कार्रवाई करने और जांच को मजबूत करने के लिए एआई उपकरणों सहित प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया.

मुख्य सचिव एमके दास ने कहा कि भ्रष्टाचार एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है जो विकास में बाधा डालती है और गरीबों को अत्यधिक नुकसान पहुंचाती है.

उन्होंने सीएम पटेल के नेतृत्व में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला, जिनमें नियमों का सरलीकरण, प्रमुख प्रशासनिक सुधार, व्यापार करने में आसानी के उपाय और राजस्व कानूनों में संशोधन शामिल हैं.

एमएस/डीएससी

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