पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए बनी अंतर-मंत्रालयी समिति : आरपी सिंह

New Delhi, 28 मार्च . पश्चिम एशिया के हालात और देश की तैयारियों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया है, जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं.

यह सभी मंत्रालय मिलकर स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी संभावित संकट का सामना करने के लिए मिलकर काम करेंगे.

आरपी सिंह ने से कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने विपक्षी दलों और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की है. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन भविष्य में हालात किस दिशा में जाएंगे, इसके लिए पूरे देश को एकजुट और तैयार रहना होगा. इस समय ‘टीम इंडिया’ की भावना से काम करना बेहद जरूरी है.

इस बीच, उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व Chief Minister हरीश रावत के राजनीति से ब्रेक लेने के फैसले पर भी टिप्पणी की. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उम्मीद है कि इस ब्रेक के बाद वह और समझदारी के साथ राजनीति में लौटेंगे और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे.

दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर केंद्र Government ने एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है, जिसकी अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. इस समिति में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं.

इस समिति का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट पर लगातार नजर रखना, देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और तेल-गैस की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई बाधित होने की आशंका को देखते हुए यह समिति हर पहलू पर नजर रख रही है.

Government के मुताबिक, देश के पास फिलहाल 60 दिनों से अधिक का ईंधन भंडार सुरक्षित है. समिति कूटनीतिक, समुद्री और आर्थिक स्तर पर भी रणनीति तैयार कर रही है, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके.

वीकेयू/पीएम

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