
रांची, 5 अप्रैल . देश के जाने-माने उद्योगपति और social media पर अपनी सक्रियता को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले आनंद महिंद्रा Jharkhand के प्राकृतिक सौंदर्य पर फिदा हो गए हैं. उन्होंने Sunday सुबह अपने एक्स हैंडल पर Jharkhand के एक खूबसूरत हिल स्टेशन मेघाहातुबुरू की तस्वीरें साझा करते हुए राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों की सराहना की और इसे ‘डिस्कवर’ करने लायक बताया.
महिंद्रा ने लिखा कि India में छुट्टियों की योजना बनाते समय आमतौर पर गोवा, Himachal Pradesh और Rajasthan जैसे नाम ही सबसे पहले दिमाग में आते हैं, जबकि Jharkhand शायद ही कभी उस सूची में शामिल होता है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद भी अब तक इसी सोच का हिस्सा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि सोशल मीड़िया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंडिया एस्थेटिका द्वारा साझा की गई मेघाहातुबुरू की कुछ तस्वीरों ने उनका ध्यान खींचा. इन तस्वीरों ने उन्हें इस हिल स्टेशन के बारे में और जानने के लिए प्रेरित किया. महिंद्रा ने मेघाहातुबुरू को ‘हिल ऑफ क्लाउड्स’ यानी बादलों का पहाड़ बताया. समुद्र तल से करीब 4,300 फीट की ऊंचाई पर, सारंडा के घने जंगलों के बीच बसे इस इलाके की खूबसूरती का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि यहां का सनसेट प्वाइंट, जंगलों के बीच गिरते झरने और चारों ओर फैला प्राकृतिक वातावरण अब भी बड़े पैमाने पर अछूता है.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यहां पर्यटन सुविधाएं फिलहाल सीमित हैं, कुछ ही रिसॉर्ट्स हैं और ज्यादातर गेस्टहाउस, लेकिन शायद यही इसकी असली पहचान भी है. महिंद्रा ने Jharkhand के अन्य पर्यटन स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि नेतरहाट की सूर्योदय की छटा, बेतला नेशनल पार्क, देवघर का ज्योतिर्लिंग, रांची के आसपास के झरने और सारंडा का विशाल जंगल, ये सभी मिलकर Jharkhand को एक समृद्ध पर्यटन राज्य बनाते हैं.
उन्होंने हैरानी जताई कि इतनी विविधता और प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद Jharkhand अब भी पर्यटकों की मुख्य सूची में अपनी जगह नहीं बना पाया है. उनके शब्दों में, Jharkhand में प्रकृति से जुड़ाव रखने वाले समझदार यात्रियों के लिए बहुत कुछ है, लेकिन राज्य ने अब तक खुद को उतनी जोर-शोर से पेश नहीं किया. social media पर उनके इस पोस्ट को व्यापक सराहना मिल रही है और इसे Jharkhand के पर्यटन को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के तौर पर देखा जा रहा है.
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एसएनसी/एएस