
New Delhi, 29 जनवरी . भारतीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख 2026 में नॉर्वे चेस विमेन में डेब्यू करने जा रही हैं. इसी के साथ दिव्या 2024 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से सबसे युवा प्रतिभागी बनकर इतिहास रचेंगी.
नॉर्वे चेस की ओर से जारी एक बयान में दिव्या ने कहा, “मैं नॉर्वे चेस में प्रतिस्पर्धा करने के लिए अविश्वसनीय रूप से उत्साहित हूं. यह टूर्नामेंट में मेरा पहला मौका है. मैं वास्तव में यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि नॉर्वे कैसा है. मैं इस अनोखे फॉर्मेट का अनुभव करने और इतने प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने का अधिक इंतजार नहीं कर सकती. मुझे सपोर्ट करने वाले सभी फैंस को, प्यार और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद. आप सभी से वहीं मिलूंगी.”
अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर यह खबर साझा करते हुए, नॉर्वे चेस ने लिखा, “नॉर्वे चेस विमेन 2026 में एक नया नाम शामिल हुआ है. दिव्या देशमुख नॉर्वे चेस विमेन में शामिल हुईं. 2025 में, दिव्या ने फिडे महिला विश्व कप जीता, ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया और महिला कैंडिडेट्स 2026 के लिए क्वालीफाई किया. 19 साल की उम्र में, वह इतिहास में ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल करने वाली चौथी भारतीय महिला बनीं. दिव्या ने नवीनतम शतरंज ओलंपियाड में India के साथ व्यक्तिगत और टीम दोनों में स्वर्ण पदक जीते हैं. ओस्लो में, वह नॉर्वे चेस विमेन में प्रतिस्पर्धा करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनेंगी.”
नॉर्वे चेस की सीओओ बेनेडिक्टे वेस्ट्रे स्कोगा ने बयान में कहा, “India लगातार बेहतरीन युवा शतरंज प्रतिभाएं तैयार कर रहा है. दिव्या इसी का एक शानदार उदाहरण हैं. हमें नॉर्वे चेस विमेन में उनका स्वागत करते हुए खुशी हो रही है.हम ओस्लो में उनके डेब्यू के साथ बढ़ते भारतीय शतरंज दर्शकों से जुड़ने के लिए उत्सुक हैं.”
साल 2025 में दिव्या ने फिडे विमेंस वर्ल्ड कप अपने नाम किया था, जिसके साथ उन्हें ग्रैंडमास्टर का खिताब मिला और 2026 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह मिली. सिर्फ 19 साल की उम्र में दिव्या ग्रैंडमास्ट का खिताब हासिल करने वाली चौथी भारतीय महिला बनीं. यह अंतरराष्ट्रीय शतरंज में India के बढ़ते महत्व को दर्शाता है.
दिव्या देशमुख ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सफलता हासिल की है. उन्होंने India का प्रतिनिधित्व करते हुए, व्यक्तिगत और टीम दोनों में गोल्ड मेडल जीतकर खुद को अपनी पीढ़ी की सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के रूप में स्थापित किया है.
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आरएसजी