
New Delhi, 12 मई . नेपाल खाद की किल्लत से जूझ रहा है. उसने India से आपूर्ति का अनुरोध किया, जिसे India ने स्वीकार कर लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी Tuesday को दी.
जायसवाल ने कहा वर्तमान हालात को देखते हुए नेपाल को उर्वरक (फर्टिलाइजर) की आपूर्ति India करेगा, क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण आपूर्ति बाधित होने के बीच काठमांडू से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त हुआ है.
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा, “हमें नेपाल से उर्वरकों की आपूर्ति के लिए अनुरोध मिला है. इसे मौजूदा सहयोग ढांचे के तहत रूप दिया जा रहा है.”
नेपाल India से Government-से-Government (जी2जी) समझौते के तहत 80,000 टन उर्वरक खरीद रहा है, जिसमें 60,000 टन यूरिया और 20,000 टन डीएपी शामिल हैं. इस कदम का उद्देश्य आगामी धान रोपाई सीजन के दौरान कमी को रोकना है. उम्मीद है कि ये खेप वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बीच बाजार को स्थिर करने में मदद करेगी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि India पड़ोसी देशों को ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति कर रहा है.
उन्होंने कहा, “हम बांग्लादेश को हाई-स्पीड डीजल फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए डीजल की आपूर्ति कर रहे हैं. बांग्लादेश से कुछ अतिरिक्त अनुरोध भी मिले थे, जिन्हें हमने पूरा किया है और कर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हम मौजूदा व्यवस्था के तहत भूटान और नेपाल को भी ऊर्जा उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं. इसी तरह हमने श्रीलंका को भी ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति की है और मॉरीशस के साथ भी कुछ व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है.”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल की कैबिनेट ने उर्वरकों की तत्काल खरीद को मंजूरी दी, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से आने वाली एक खेप होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी गतिरोध के चलते अटक गई थी.
उर्वरकों की आपूर्ति India की Governmentी कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड करेगा और इनके अगस्त मध्य तक नेपाल पहुंचने की संभावना है.
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, यह समझौता India और नेपाल के बीच 2022 में हुए व्यापक उर्वरक आपूर्ति समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हिस्सा है.
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केआर/