भारत-रोमानिया ने साझा किए भविष्य के लक्ष्य, रक्षा से व्यापार तक बढ़ेगा सहयोग : एमईए

नई द‍िल्‍ली, 24 जुलाई . President द्रौपदी मुर्मु की तीन देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव रोमानिया में India और रोमानिया ने व्यापार, रक्षा, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. भारतीय विदेश मंत्रालय की विशेष ब्रीफिंग में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया क‍ि दोनों देशों ने अगले तीन से पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया.

President द्रौपदी मुर्मु की रोमानिया की राजकीय यात्रा पर विदेश मंत्रालय की विशेष ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा क‍ि रोमानिया के President निकुसोर डैन के निमंत्रण पर India की President रोमानिया की राजकीय यात्रा पर हैं. यह उनकी तीन देशों की यात्रा का तीसरा और अंतिम पड़ाव है. इससे पहले वह मोल्दोवा और उत्तर मैसेडोनिया की यात्रा कर चुकी हैं.

जॉर्ज ने बताया क‍ि President द्रौपदी मुर्मु की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीन दशक से भी ज्‍यादा समय बाद किसी भारतीय President की यह पहली राजकीय यात्रा है. इससे पहले India की ओर से ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी.

उन्‍होंने कहा क‍ि यह यात्रा दिखाती है कि भारत, रोमानिया के साथ अपनी साझेदारी को कितना महत्व देता है. इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलेगी. इसके साथ ही, यूरोपीय संघ के साथ India के सहयोग और बहुपक्षीय स्तर पर मिलकर काम करने को भी बढ़ावा मिलेगा. यह यात्रा India और रोमानिया के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करती है.

जॉर्ज ने बताया क‍ि Thursday शाम President द्रौपदी मुर्मु का रोमानिया के President ने स्वागत किया और President भवन में उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया.

इसके बाद, दोनों Presidentयों के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक हुई. इन बैठकों में व्यापार और निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आईटी, महत्वपूर्ण खनिज, उर्वरक, दवा और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति और लोगों की आवाजाही जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की समीक्षा की गई और आगे की योजनाओं पर चर्चा हुई.

जॉर्ज ने बताया क‍ि दोनों Presidentयों ने भरोसा जताया कि India और रोमानिया के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद इसमें और तेजी आएगी. दोनों पक्षों ने अगले तीन से पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई.

उन्‍होंने बताया क‍ि रक्षा सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का एक अहम क्षेत्र बनकर उभर रहा है. दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी रक्षा संस्थाओं के बीच बढ़ते सहयोग का स्वागत किया. इसमें इस साल मई में हुई रक्षा सहयोग पर संयुक्त समिति की बैठक भी शामिल है.

जॉर्ज ने बताया क‍ि रक्षा उत्पादन, औद्योगिक सहयोग, रक्षा तकनीक, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करने की काफी संभावनाएं हैं. कई भारतीय कंपनियां रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन के अवसर तलाश रही हैं. इनमें नागरिक और रक्षा विमानन के साथ-साथ नई पीढ़ी की ड्रोन तकनीक भी शामिल है.

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एवाई/एबीएम

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