
New Delhi, 25 मार्च . India ने अलगाववादी संगठन और उसकी नेता को लेकर Pakistan की ओर से दिए बयान की सख्त निंदा की है. India ने साफ कहा है कि वो Pakistan द्वारा एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े न्यायिक मामलों पर दिए गए बयान को सख्ती से खारिज करता है.
विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है. India ने कहा कि Pakistan का यह बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है और उसे India के आंतरिक मामलों या न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. इस बयान को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया.
जिसमें लिखा गया कि यह आश्चर्यजनक नहीं है कि एक ऐसा देश, जिस पर लंबे समय से आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन और उसके सदस्यों के पक्ष में बयान दे रहा है. यह रुख निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा और हत्याओं को अप्रत्यक्ष समर्थन देता है.
प्रवक्ता ने Pakistan को नसीहत देते हुए कहा कि बेबुनियाद और भ्रामक दावे करने के बजाय उसे अपने यहां हो रहे गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर आत्ममंथन करना चाहिए.
Tuesday (24 मार्च) को दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता और प्रतिबंधित संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ की प्रमुख आसिया अंद्राबी को यूएपीए मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने अंद्राबी को प्रतिबंधित संगठन का नेतृत्व करने और India के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का दोषी पाया. इस पर Pakistanी विदेश मंत्रालय ने तुरंत रिएक्ट किया. social media प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे बेइंसाफी करार दिया.
Pakistan का कहना है कि आसिया अंद्राबी लंबे समय से कश्मीर मुद्दे की मुखर समर्थक रही हैं. उनको दी गई सजा तनाव को और बढ़ाती हैं. ये सजा दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की उम्मीदों को कमजोर करती हैं. India ने Pakistan की इस फिक्र को बेजा बताते हुए खुद के गिरेबां में झांकने की नसीहत दी.
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केआर/