
New Delhi, 3 फरवरी . India और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि India जो चाहता था, उसे हासिल कर लिया है. वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री (एमओएस) कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि संयम और कूटनीति से हम वैश्विक व्यापार के केंद्रीय मंच पर आ गए.
भारत-यूएस व्यापार समझौते पर केंद्रीय राज्य मंत्री (एमओएस) कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, “यह हमारे देश और खासकर हमारे Prime Minister के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. इतने महीनों की बातचीत के बाद बहुत संयम और डिप्लोमेसी के साथ हम एक बार फिर वैश्विक व्यापार के केंद्रीय मंच पर आ गए हैं. आज अमेरिका के साथ हमारा पुराना टैरिफ भी पूरा हो गया है. इसके साथ ही यूरोपीय यूनियन के साथ इतना बड़ा मुक्त व्यापार समझौता हुआ है, जिसे सभी समझौतों की जननी कहा जाता है.”
हाल ही में India में करीब एक दशक के बाद भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक हुई. इसका जिक्र करते हुए एमओयू कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, “कुछ दिन पहले अरब लीग के सभी विदेश मंत्री आए थे. उन्होंने भी बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि कैसे India के साथ व्यापार के मौके आर्थिक विकास का मौका हैं. उन्होंने भी India पर पूरा फोकस किया, और इस तरह इतनी बड़ी उपलब्धि है.”
उन्होंने कहा कि ये सब हमारे देश में हमारे Prime Minister की दूरदर्शिता, उनकी काबिलियत और हमारे देश के लगातार डिप्लोमैटिक प्रयासों का नतीजा है. मैं सभी को बधाई देता हूं कि आज हमारे देश में, हमारे मैन्युफैक्चरर्स में, हमारे बिजनेस सेक्टर्स में, और हमारे इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में एक नई जोश की लहर है. तेजी से ग्रोथ होने वाली है.
इसके अलावा अमेरिका-India व्यापार समझौते को लेकर पूर्व डिप्लोमैट दीपक वोहरा ने कहा, “President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि India अमेरिका से और शायद वेनेजुएला से भी एनर्जी खरीदेगा. यह उनका बयान है. हमने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है. India जहां भी अपने फायदे के लिए सही होगा, वहां से तेल खरीदेगा. हम रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करने वाले हैं, क्योंकि हमें यह अच्छी कीमत पर मिल रहा है.”
पूर्व डिप्लोमैट दीपक वोहरा ने आगे कहा, “मुझे चार बातें दिखती हैं. नंबर एक, अमेरिकन सिस्टम, मौजूदा Government, वे 2024, 2023 और 2025 से India को गाली दे रहे हैं और कोस रहे हैं. हमने कोई रिएक्शन नहीं दिया है. यह पहली सीख है. हमने बहुत धैर्य रखा है. हम बहुत मजबूत रहे हैं. दूसरी चीज यह है कि ये India के लिए डक डिप्लोमेसी का समय है. अगर आप बत्तख को देखेंगे तो वह पानी के ऊपर कितनी शांत दिख रही होती है, लेकिन पानी के नीचे वह अपने पैरों से तैरती है. तीसरा, मैं ट्रंप की तुलना रोम के शासक कालिगुला से करता हूं. उनका कहना था कि लोगों को मुझसे नफरत करने दो जब तक वह मुझसे डरे हुए हैं. ट्रंप को प्यार नहीं सम्मान चाहिए.”
उन्होंने कहा कि आज Tuesday है और हमें जश्न मनाना चाहिए. यह भगवान हनुमान का दिन है, जो प्यार, सम्मान, हिम्मत और वफादारी को दर्शाते हैं. हम जो चाहते थे, उसने बिना किसी शर्त को माने हासिल कर लिया है.
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केके/एएस