
थिम्पू, 29 जुलाई . India ने भूटान के सामुदायिक विकास को गति देने के लिए 237.83 करोड़ रुपए (2.378 अरब नगुलट्रम) की दूसरी किस्त जारी की है. India के राजदूत संदीप आर्या ने यह चेक भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी को सौंपा. इसके बाद द्विपक्षीय बैठक भी हुई.
भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने इसे लेकर एक बयान जारी किया. ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा social media प्लेटफॉर्म पर भी इसकी जानकारी दी गई. कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की गईं जिनमें फलती-फूलती परियोजनाओं की कहानी है.
बयान के अनुसार, यह राशि भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रम के तहत चल रही 292 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) के लिए दी गई है. इन परियोजनाओं का लाभ भूटान के सभी 205 गेवोग (ब्लॉक) की स्थानीय आबादी को मिलेगा.
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रम के तहत एचआईसीडीपी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. भारतीय राजदूत ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य भूटान के लोगों की आजीविका, सामाजिक कल्याण और संपर्क सुविधाओं को मजबूत करना है.
भूटान के वित्त मंत्री लेके दोरजी ने India Government और भारतीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं पूरे भूटान के समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग के रिश्तों को और मजबूत कर रही हैं.
India ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत एचआईसीडीपी परियोजनाओं के लिए कुल 1,000 करोड़ रुपए [10 अरब नगुलट्रम (भूटानी मुद्रा)] देने की प्रतिबद्धता जताई है. योजना के पहले दो वर्षों के अंत तक India 735 करोड़ रुपए (7.35 अरब नगुलट्रम ) जारी कर चुका है, जो कुल प्रतिबद्ध राशि का 73.5 प्रतिशत है.
एचआईसीडीपी के तहत पेयजल आपूर्ति, सिंचाई नहरें, ग्रामीण सड़कें, कृषि भूमि विकास, चेन-लिंक फेंसिंग, कृषि विपणन, प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बुनियादी ढांचे जैसी परियोजनाएं शामिल हैं.
वर्तमान योजना अवधि में सहमति प्राप्त 571 परियोजनाओं में से 141 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष 430 परियोजनाओं पर कार्य जारी है.
–आईएएनए
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