ओमान तट के पास जहाज पर हमले की भारत ने की निंदा, 21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, तीन अब भी लापता

New Delhi, 10 जून . ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की India Government ने कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Wednesday को बताया कि जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.

विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, “हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं. जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से अब तक 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन भारतीयों के लापता होने की सूचना है. ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और चल रहे खोज एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है.”

मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह वहां जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं.

बयान में कहा गया, “हम सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को सफल बनाने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके. वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवागमन और व्यापार बहाल किया जाना चाहिए.”

इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी थी कि ओमान तट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की सूचना मिली है. दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है.

गौरतलब है कि Monday को भी पालाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी मैरिवेक्स में आग लगने की घटना के बाद उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था. यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुई थी.

Tuesday को New Delhi में साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि एमटी मैरिवेक्स ओमान तट के पास निष्क्रिय हो गया था. जहाज पर मौजूद सभी 24 चालक दल के सदस्य भारतीय नागरिक थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. उन्होंने इस बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान Government का आभार भी व्यक्त किया.

विदेश मंत्रालय ने Monday को पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि 100 दिनों से अधिक समय से जारी संघर्ष ने भारी मानवीय संकट पैदा किया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाला है. मंत्रालय ने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की थी.

डीएससी

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