
New Delhi, 4 फरवरी India और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंध अब तक के सबसे मजबूत दौर में हैं, द्विपक्षीय व्यापार में तेजी से वृद्धि हो रही है और भविष्य में और भी अवसर मौजूद हैं. यह बयान ऑस्ट्रेलिया में आर्थिक, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन मामलों की प्रथम सचिव जो वुडली ने Wednesday को दिया.
समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए वुडली ने कहा कि आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) के कारण दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध अब तक के सबसे उच्च स्तर पर है.
उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और India आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मौजूदा ईसीटीए को अधिक व्यापक एसईसीए समझौते में बदलने के लिए काम कर रहे हैं.”
वुडली ने कहा कि ईसीटीए के लागू होने के बाद से India से ऑस्ट्रेलिया के व्यापार में कुछ ही वर्षों में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
उन्होंने इस वृद्धि को महज शुरुआत बताते हुए कहा कि दोनों देशों को मिलकर अभी बहुत कुछ हासिल करना है.
उन्होंने समाचार एजेंसी को बताया, “ऑस्ट्रेलिया की ताकत उसके पास मौजूद कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता में निहित है, जबकि India के पास व्यापक उत्पादन क्षमता है.”
वुडली ने कहा,“यह संयोजन दोनों देशों को संयुक्त रूप से वस्तुओं का उत्पादन करने और उन्हें वैश्विक बाजारों में आपूर्ति करने की अनुमति देता है.”
India के व्यापक आर्थिक परिदृश्य पर अपने विचार साझा करते हुए वुडली ने कहा कि India को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है.
उन्होंने आगे कहा, “यह तथ्य वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश के बढ़ते महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है.”
इससे पहले, पिछले महीने एक ऑस्ट्रेलियाई मीडिया लेख में कहा गया था कि India के हालिया मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) रक्षात्मक व्यापार नीति से हटकर एक लक्षित, विकास-उन्मुख दृष्टिकोण की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाते हैं.
ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में अन्ना महजर-बार्डुची के लेख में कहा गया है कि India तेजी से ऐसे साझेदारों को चुन रहा है जहां द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही बढ़ रहा है और जहां समझौते मौजूदा गति को बढ़ा सकते हैं, बजाय इसके कि नए व्यापारिक संबंध शुरू से बनाने का प्रयास किया जाए.
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एबीएस/