भारत और फिनलैंड यूरोपीय संघ के एफटीए के तहत अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं: पीयूष गोयल

New Delhi, 16 जुलाई . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Thursday को फिनलैंड की उप Prime Minister और वित्त मंत्री रिक्का पुर्रा से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत बनाने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा डिजिटलीकरण और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की.

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के तहत India और फिनलैंड के बीच सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया.

पीयूष गोयल बेल्जियम और स्पेन की सफल यात्रा के बाद फिनलैंड पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री साकारी पुइस्तो के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की.

गोयल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश, इनोवेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी), स्टार्टअप और बिजनेस पार्टनरशिप को मजबूत बनाने के उपायों पर सार्थक चर्चा हुई.

उन्होंने बताया कि बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), 6जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमिकंडक्टर, स्पेस और सस्टेनेबिलिटी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया. साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि भारत-ईयू एफटीए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को किस तरह नई गति दे सकता है.

फिनलैंड यात्रा का मुख्य उद्देश्य इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल रिसर्च जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है.

यात्रा के दौरान पीयूष गोयल फिनलैंड की प्रमुख कंपनियों के साथ आयोजित इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल में भी हिस्सा लेने वाले हैं. इस बैठक में डिजिटलीकरण, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी फिनलैंड की कंपनियां शामिल होंगी.

इसके अलावा, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और बिजनेस फिनलैंड के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे.

पीयूष गोयल फिनलैंड की कई प्रमुख कंपनियों और इनोवेशन संस्थानों, जिनमें नोकिया कॉरपोरेशन, वीटीटी रिसर्च सेंटर, कोने कॉरपोरेशन और केम्पी ग्रुप शामिल हैं, का भी दौरा करेंगे. इस दौरान टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, 6जी रिसर्च, स्मार्ट मोबिलिटी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल मशीनरी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल इनोवेशन और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी.

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब India और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने तथा भारत-ईयू एफटीए को जल्द लागू करने की दिशा में दोनों पक्ष सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.

Government का मानना है कि यह यात्रा यूरोप के साथ India की आर्थिक भागीदारी को नई गति देगी. साथ ही, व्यापार और निवेश बढ़ाने, उभरती तकनीकों, क्लीन एनर्जी, इनोवेशन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग को मजबूत करने, उद्योग जगत और इनोवेशन इकोसिस्टम के बीच साझेदारी बढ़ाने तथा India को इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

डीबीपी

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