
New Delhi, 27 दिसंबर . Government ने Saturday को बताया कि इस महीने आयोजित 15वीं पेंशन अदालत में 30 विभागों और मंत्रालयों से संबंधित पेंशनभोगियों की 1,087 लंबित शिकायतों पर सुनवाई हुई.
ये शिकायतें रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, डाक मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय आदि के अंतर्गत आने वाले विभागों से संबंधित थीं.
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अनुसार, 15वीं पेंशन अदालत 24 दिसंबर को भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) में शिकायतों के निवारण के लिए आयोजित की गई थी, जिनमें से 815 शिकायतों का निपटारा मौके पर ही किया गया. यह इस पहल की समयबद्ध न्याय दिलाने में दक्षता को दर्शाता है.
उदाहरण के लिए, प्रयागराज निवासी सत्यम मिश्रा की शिकायत 114 दिनों से अधिक समय से लंबित थी.
मंत्रालय के अनुसार शिकायत जुलाई 2024 से असाधारण पेंशन के रूप में पेंशन लाभ जारी न होने से संबंधित थी. उन्होंने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की. बीएसएफ के अधिकारियों ने पेंशन अदालत में बताया कि उचित प्रक्रिया के बाद मामले का निपटारा हो गया है और अनुग्रह राशि सहित 573,728 रुपए का बकाया भुगतान कर दिया गया है.
एक अन्य पेंशनभोगी, श्रीनगर निवासी नसीम अख्तर की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी. उनकी शिकायत अगस्त 2020 से लंबित पारिवारिक पेंशन मामले के निपटारे में देरी से संबंधित थी.
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में भाग लिया. मामला जनगणना संचालन विभाग का था. मंत्रालय ने सूचित किया कि संबंधित विभाग द्वारा सूचित किया गया कि बिना किसी और देरी के बकाया राशि का भी भुगतान किया जाएगा.
असम के गुवाहाटी निवासी मुक्ता चक्रवर्ती की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित है.
मंत्रालय ने आगे बताया कि उनकी शिकायत स्वर्गीय रजत भूषण चक्रवर्ती की अविवाहित पुत्री को पारिवारिक पेंशन दिए जाने से संबंधित है, जो अक्टूबर 2020 से लंबित है. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में अपनी बात रखी थी. 12 मई 2023 को दावा प्रस्तुत करने और सीपीग्राम शिकायत दर्ज कराने के बावजूद मामला अनसुलझा रहा. पीएओ-सीबीडीटी और सीपीएओ दोनों से अनुरोध किया गया है कि वे दस दिनों के भीतर मामले की समीक्षा करें और शीघ्र समाधान के लिए आगे की कार्रवाई करें.
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एमएस/डीकेपी