
Bhopal , 31 मई . Madhya Pradesh के शहडोल जिले में 32 साल की महिला ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के बाद कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली. दिल दहलाने वाली यह घटना पपौंध Police स्टेशन के तहत आने वाले हिरवार गांव में हुई.
Police अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों की पहचान अनीता सिंह और उनकी बेटियों-सात साल की रितिका, चार साल की कृष्णा कुमारी और दो साल की अर्पिता के तौर पर हुई है.
अस्पताल में इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई. इस घटना से शांत गांव में गहरा दुख और मातम छा गया.
शुरुआती Police जांच के मुताबिक अनीता सिंह हिरवार गांव में अपने तीन बच्चों के साथ अकेली रहती थीं. उनके पति, जो एक प्रोफेशनल ड्राइवर थे. परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरे राज्य में काम करते थे. अनीता दिहाड़ी मजदूरी करके घर चलाती थीं और अक्सर गुजारा करने के लिए उन्हें मुश्किल होती थी.
गांव वालों ने परिवार को साधारण बताया और घटना से पहले के दिनों में उनमें कोई परेशानी नहीं दिखी थी. खबर है कि अनीता ने पहले पेस्टीसाइड पी लिया और फिर अपनी छोटी बेटियों को भी जबरदस्ती पिला दिया. जैसे ही जहर का असर हुआ. परिवार बेहोश होने लगा.
बेटियों में से एक ने किसी तरह पड़ोस के लोगों से बात की, और उन्हें बताया कि उसकी मां ने उन सभी को कड़वी दवा दी थी. बच्चे के खुलासे से घबराकर पड़ोसी और रिश्तेदार तुरंत चारों पीड़ितों को पास के हॉस्पिटल ले गए, लेकिन जहर शरीर में फैल चुका था. सबसे पहले अनीता सिंह की मौत हो गई, उसके बाद एक के बाद एक उनकी तीन मासूम बेटियों की भी मौत हो गई. परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में सन्नाटा छा गया है.
Police ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है. अधिकारी पैसे की तंगी, मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम या घरेलू समस्याओं जैसे संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं, जिनकी वजह से अनीता ने यह कदम उठाया होगा.
अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. इस दुखद मामले ने एक बार फिर India में आर्थिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही ग्रामीण महिलाओं के लिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और मजबूत सपोर्ट सिस्टम की तुरंत जरूरत को सामने लाया है.
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डीकेएम/वीसी