मध्य प्रदेश : नीमच में ‘एक बगिया मां के नाम’ से आधी आबादी लिख रही सशक्तीकरण की पूरी कहानी

नीमच, 30 जुलाई . Madhya Pradesh के नीमच में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना सकारात्मक बदलाव की नई उम्मीद बनकर सामने आई है.

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में शुरू की गई इस पहल के तहत प्रत्येक विकास खंड में 100 ऐसे हितग्राहियों का चयन किया जा रहा है, जिनके पास कम से कम दो बीघा भूमि और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था है.

नीमच विकास खंड में भी 100 हितग्राहियों का चयन स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और सीएलएफ के माध्यम से किया गया है.

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और अन्य योजना के समन्वय से हितग्राहियों को फलदार पौधे, तार की बाउंड्री और तीन वर्षों तक मजदूरी का लाभ दिया जाएगा.

योजना के तहत आम, संतरा, और अनार सहित अन्य फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं. इन पौधों के तैयार होने तक किसान उसी भूमि पर गेहूं और सोयाबीन जैसी फसलें लेकर आय अर्जित कर सकेंगे. करीब तीन वर्ष बाद फल उत्पादन शुरू होने पर परिवारों के लिए स्थायी और अतिरिक्त आय का रास्ता खुलेगा. उत्पादन को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे.

केंद्र Government की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘लखपति दीदी’ बनाने की सकारात्मक सोच से जुड़ी यह पहल महिलाओं को आजीविका के नए अवसर दे रही है. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में भागीदार बन रही हैं.

बांसखेड़ा गांव की हितग्राही महिला किसान टीना मेघवाल ने बताया कि वे तेजाजी महाराज स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं. उन्होंने ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना की जानकारी मिलने के बाद फलदार पौधे लगाए और उनकी देखभाल की. योजना के तहत उन्होंने पौधों और तार फेंसिंग लगाने का लाभ पाया. साथ ही योजना के माध्यम से मजदूरी भी मिल रही है, जो तीन वर्षों तक जारी रहेगी.

उन्होंने कहा कि पौधे लगाए हुए करीब एक वर्ष हुआ है और अब इनमें फल भी आने शुरू हो गए हैं. इस योजना से हमारी आमदनी बढ़ी है और हमें काफी लाभ मिला है. हमारे लिए यह बहुत अच्छी और लाभकारी योजना है.

संगीता मालवीय ने बताया कि वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कृषि सखी के रूप में कार्य कर रही हैं. उनका काम अन्य महिलाओं को ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के बारे में जानकारी देकर फलदार बगीचे लगाने के लिए प्रेरित करना है. नीमच जनपद में 100 हितग्राहियों के चयन का लक्ष्य था, जिसमें ऐप के माध्यम से 72 आवेदन किए गए और 22 हितग्राहियों का चयन हुआ. इन हितग्राहियों के आम, जामुन और नींबू के फलदार पौधे लगाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि महिलाओं ने बगीचे में साग-सब्जियां भी लगाईं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है. यह योजना महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत अच्छी पहल है.

पंचायत विकास प्रबंधक राजेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि एनआरएलएम ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के तहत नीमच विकासखंड में 100 ऐसे हितग्राहियों का चयन किया गया है, जिनके पास कम से कम दो बीघा भूमि और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था है. स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और सीएलएफ के माध्यम से हितग्राहियों का चयन किया गया है.

डीकेएम/एबीएम

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