बिहार : सहयोग शिविर में तीन माह के दौरान 96 फीसदी मामलों का निष्पादन, 6.20 लाख आवेदनों का निपटारा

Patna, 16 अगस्त . बिहार में Chief Minister सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए Government की ओर से आम लोगों की समस्याओं का पंचायत स्तर पर त्वरित समाधान कराने के लिए शुरू किए गए सहयोग शिविर का व्यापक असर सामने आया है. पिछले करीब तीन महीनों के दौरान राज्यभर में आयोजित सहयोग शिविरों में कुल 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 6 लाख 20 हजार 30 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का करीब 96 प्रतिशत है. शेष करीब चार प्रतिशत मामले लंबित हैं.

सहयोग पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल आवेदनों में 5 लाख 98 हजार 639 मामलों का समाधान किया गया, जबकि 21 हजार 391 आवेदन अस्वीकृत किए गए. इस तरह कुल 6 लाख 20 हजार 30 मामलों का निपटारा हुआ है. Government का लक्ष्य लंबित मामलों का भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करना है.

Chief Minister सम्राट चौधरी की पहल पर 19 मई 2026 को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से सहयोग शिविर की शुरुआत की गई थी. इसके तहत प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे Tuesday को पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाते हैं. वहीं, प्रत्येक महीने के दूसरे Tuesday को राज्यस्तरीय शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमें Chief Minister स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हैं.

राज्य Government के निर्देश के अनुसार सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है. इसका उद्देश्य लोगों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड, जिला या अन्य Governmentी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है. Chief Minister सचिवालय स्तर से इन आवेदनों और उनके निष्पादन की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है.

अब तक राज्य की 8,032 पंचायतों में से 6,533 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जा चुके हैं. राज्य के सभी 534 प्रखंडों में भी शिविर का आयोजन हो चुका है. Government के अनुसार आने वाले एक-दो चरणों में शेष पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ लिया जाएगा. सहयोग पोर्टल के आंकड़ों में मामलों के निष्पादन के लिहाज से शेखपुरा, सहरसा, शिवहर, खगड़िया, भोजपुर, जमुई, गोपालगंज, अरवल, पश्चिम चंपारण और बांका शीर्ष 10 जिलों में शामिल हैं.

वहीं, आंकड़ों के अनुसार भोजपुर में 41,107, पश्चिम चंपारण में 38,449, Patna में 32,488, गया में 30,669 और मुजफ्फरपुर में 30,485 आवेदन प्राप्त हुए. एक अधिकारी का कहना है कि पंचायत स्तर पर शिविर लगने से लोगों को अपने गांव और आसपास ही समस्याओं के समाधान की सुविधा मिल रही है. इससे समय और धन की बचत के साथ Governmentी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से भी लोगों को राहत मिल रही है.

Chief Minister के निर्देश के अनुसार सभी पंचायतों में शिविर आयोजित होने के बाद भी यह व्यवस्था बंद नहीं होगी, बल्कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे.

एमएनपी/पीएम

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