बंगाल में इस्कॉन के खाने के साथ स्कूलों में अलग से अंडे दिए जाएंगे: मुख्यमंत्री

कोलकाता, 29 जुलाई . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Wednesday को उन अटकलों और विवादों पर विराम लगा दिया कि क्या राज्य के Governmentी स्कूलों में छात्रों को अंडे दिए जाएंगे. Governmentी स्कूलों में मिड-डे मील (दोपहर का भोजन) की व्यवस्था करने का काम ‘इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस’ (इस्कॉन) को सौंपा गया है.

Chief Minister ने घोषणा की कि इन स्कूलों के छात्रों को अंडे से वंचित नहीं रखा जाएगा. इस्कॉन द्वारा परोसे जाने वाले शाकाहारी भोजन के अलावा, संबंधित स्कूल प्रशासन द्वारा अलग से अंडों की व्यवस्था और वितरण किया जाएगा.

Chief Minister ने Wednesday दोपहर मीडियाकर्मियों को बताया कि Government ने मिड-डे मील में अलग से अंडे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है. यह व्यवस्था 1 अगस्त से लागू होगी.

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल राज्य Government ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मिड-डे मील में अलग से अंडे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मिड-डे मील के वितरण की समग्र जिम्मेदारी इस्कॉन के पास ही रहेगी.

Chief Minister ने कहा कि हाई और अपर प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए 10 रुपए और प्राइमरी स्कूलों में 6.78 रुपए का बजट तय था. हमने प्राइमरी स्कूलों में भी यह रकम बढ़ाकर 10 रुपए कर दी है. इसके अलावा, 1 अगस्त से कोलकाता के एक बड़े हिस्से में इस्कॉन एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मिड-डे मील देगा. इस्कॉन शाकाहारी और भरपूर प्रोटीन वाला खाना देगा. साथ ही, हम सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के जरिए अलग से अंडे देने का इंतजाम भी कर रहे हैं.

जब यह फैसला लिया गया कि कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) इलाके के Governmentी स्कूलों में और बाद में पूरे राज्य में मिड-डे मील का इंतजाम इस्कॉन करेगा, तो राज्य Government की काफी आलोचना हुई थी.

विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी के एक वर्ग ने राज्य Government पर आरोप लगाया कि वह मिड-डे मील में शाकाहारी खाना परोसने के हिंदुत्व एजेंडे को पूरा करने के लिए स्कूली बच्चों को अंडे जैसा प्रोटीन वाला खाना नहीं दे रही है.

हालांकि, Wednesday को Chief Minister के ऐलान के साथ ही इस मुद्दे पर चल रहे सभी विवाद खत्म हो गए.

एमएस/

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