‘प्रगतिशील वोट एकजुट हुए तो भाजपा का सफाया तय’, बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे पर संदीप दीक्षित

New Delhi, 4 अगस्त . कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने Tuesday को बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों और तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन के बयान को लेकर हुई गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर संदीप दीक्षित ने से बात करते हुए कहा, “स्थानीय हालात के बारे में वहां के नेता ही बेहतर बता सकते हैं. अगर आप सभी सीटों पर समग्र रूप से नजर डालें तो भाजपा का विरोध धीरे-धीरे बढ़ रहा है. Prime Minister की लोकप्रियता में गिरावट आ रही है और Government की नीतियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है. पहले चुनाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करते थे कि उन्हें कैसे मैनेज किया गया. इसमें सत्ता के दुरुपयोग का भी इस्तेमाल होता था और कभी-कभी इससे भाजपा को Political जीत मिल जाती थी. इससे यह धारणा बनती थी कि लोग पार्टी की आर्थिक और सामाजिक नीतियों से उतने नाराज नहीं हैं, जितना कहा जा रहा था.”

उन्होंने आगे कहा, “अब स्थिति बदल रही है. अगर भाजपा अपने परंपरागत गढ़ वाली सीटों पर हारने लगी है तो यह बड़ा संकेत है. भाजपा का अपना वोट बैंक काफी हद तक स्थिर रहता है क्योंकि वह धर्म और समाज में मौजूद कुंठा और द्वेष के आधार पर लामबंद होता है. वहीं जो प्रगतिशील वोटर माने जाते हैं, वे अक्सर बिखर जाते थे. लेकिन, अब वह वोट भी एकजुट होने लगा है. बेहतर से बेहतर स्थिति में भी भाजपा को 35 से 40 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिल पाता है. ऐसे में अगर बाकी का 60 से 65 फीसदी वोट एक जगह इकट्ठा हो गया तो भाजपा का सफाया हो जाएगा. यह देश से भाजपा के सफाए की शुरुआती पहल है.”

तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान और उसके बाद हुई कार्रवाई पर पूछे जाने पर संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्होंने वह बयान नहीं सुना है. अगर किसी ने ऐसी बात कही है जिससे किसी की गरिमा को ठेस पहुंचती है, नफरत फैलती है, मानहानि होती है, तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जाता है या समाज में हिंसा भड़कती है, तो Government को उचित कार्रवाई करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच Political बहस चलती रहनी चाहिए, लेकिन बात रखते समय संयम बरतना जरूरी है.

एससीएच/एबीएम

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