
New Delhi, 18 जुलाई . सीपीआई (एमएल) सांसद राजा राम सिंह ने Saturday को से बातचीत में कहा कि मैं सोनम वांगचुक, नेहा, मनीष, आमिन और अन्य तमाम साथियों के जज्बे को सलाम करने आया हूं. दिल्ली Police ने उनके साथ जो किया है, वो बेहद दमनकारी है.
उन्होंने कहा कि मैं इसके खिलाफ उनकी आवाज में आवाज मिलाने आया हूं. 20 जुलाई को छात्रों और नौजवानों का पार्लियामेंट मार्च होगा. हम सड़क से लेकर संसद तक उनका साथ देंगे. हम उनकी आवाज बनने की कोशिश करेंगे. आज की तारीख में देश में युवाओं का केंद्र बिंदु यह आंदोलन बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि युवा जिन मांगों के साथ यहां आंदोलन के लिए आए हैं, Government को इन मांगों पर विचार करना होगा. Government को इन मांगों को मानना होगा और धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना होगा. हमारे पढ़े लिखे युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देना होगा, नहीं तो इस Government के खिलाफ इस देश का युवा वर्ग सड़क पर आ चुका है और इस लड़ाई को अंतिम क्षण तक जारी रखने के लिए मजबूर है.
उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि कैसे हमारे छात्र नेता पूरी प्रखरता के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं. छात्र नेता महिलाओं की आवाज उठा रहे हैं. महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर आज नेहा हिंदुस्तान की नायिका बन चुकी हैं. उनकी भावनाओं को व्यक्त कर रही हैं.
सीपीआई(एमएल) सांसद राजा राम सिंह ने कहा कि मैं खुद किसान आंदोलन का हिस्सा रहा हूं. किसान आंदोलन के संबंध में गठित समन्वय समिति का भी हिस्सा रहा हूं. किसान भाइयों की देश के युवाओं के साथ पूरी सहानुभूति है. किसान भाई भी युवाओं के पक्ष में खड़े हैं.
वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली Police द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर ‘अहिंसा विश्व भारती’ के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य लोकेश मुनि ने प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सभी लोग चिंतित थे. हमारे न्यायालय ने भी उस पर चिंता जाहिर की थी. जिसके बाद दिशानिर्देश के तहत Government ने कदम उठाया, क्योंकि किसी भी व्यक्ति की जान बहुत ही कीमती होती है.
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक एक प्रेरक इंसान हैं, लिहाजा उनके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया. मैं समझता हूं कि वो स्वस्थ होकर देशहित के लिए काम करेंगे. हमारा India कैसे दिव्य और भव्य बनें, उसके लिए काम कर रहे हैं.
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एसएचके/एबीएम