
New Delhi, 22 जून . महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है. वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली टूर्नामेंट की दूसरी हार के साथ ही श्रीलंका की राह काफी मुश्किल हो गई है. टीम की लगातार नाकामी से कप्तान चमारी अटापट्टू बेहद निराश हैं और उन्होंने इसके लिए खुद को ही जिम्मेदार ठहराया है.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “यह दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. मुझे लगता है कि मैंने नेशनल टीम के लिए लगभग 18 साल खेला, लेकिन मैं कभी भी टीम को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में सफल नहीं हो सकी. भले ही निजी तौर पर मैंने बहुत कुछ हासिल किया, लेकिन मुझे लगता है कि एक कप्तान के तौर पर मैं फेल रही हूं. मेरे हिसाब से यह एक खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ा दर्द है. अब मुझे उस दर्द के साथ रहना होगा.” श्रीलंका ने विश्व कप में अब तक 3 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से टीम को 2 में हार झेलनी पड़ी है. श्रीलंका के सेमीफाइनल में पहुंचने के चांस अब बेहद कम नजर आ रहे हैं.
ग्रुप बी में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने अब तक खेले अपने तीनों ही मुकाबलों में जीत दर्ज की है. ऐसे में इस ग्रुप से सेमीफाइनल में पहुंचने की मजबूत दावेदार यह दोनों टीमें नजर आ रही हैं. श्रीलंका अगर दो मुकाबले जीतकर भी सिर्फ 6 प्वाइंट पर ही पहुंच पाएगी. श्रीलंका को अपने अगले दो मुकाबले स्कॉटलैंड और आयरलैंड के खिलाफ खेलने हैं.
अटापट्टू ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि मैंने अपनी पूरी कोशिश की. मेरे हिसाब से मुझे ज्यादा जिम्मेदारी से खेलना चाहिए था. अगर मैं इस मुकाबले में अधिक जिम्मेदारी से खेलती, तो हम इस मैच को जीत सकते थे. इसी वजह से मुझे इसका अफसोस है. मुझे किसी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराना रास नहीं आता है. मेरे हिसाब से कप्तान और सबसे अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते मुझे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ खेलना चाहिए था. मैं बहुत दुखी हूं. मुझे लगता है कि मैंने अपना आखिरी मौका भी खो दिया है.”
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम सिर्फ 98 रन बनाकर ऑलआउट हुई. टीम की कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर कैरेबियाई गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकी. वेस्टइंडीज ने 99 रनों के लक्ष्य को 5 विकेट खोकर सिर्फ 16.1 ओवर में हासिल कर लिया. श्रीलंका की गेंदबाजों ने प्रयास तो बहुत किए, लेकिन वह टीम की हार को टालने में नाकाम रहीं.
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एसएम/एएस