
हैदराबाद, 24 मई . हैदराबाद Police ने चार संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है, जो कथित तौर पर उस तेज रफ्तार एसयूवी में सवार थे, जिसका इस्तेमाल तेलंगाना हाई कोर्ट के वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की टारगेट किलिंग के लिए किया गया था.
चार विशेष टीम उन संदिग्धों की तलाश में थीं, जिनकी पहचान cctv फुटेज में हुई थी.
Police की शुरुआती जांच से पता चलता है कि Saturday को वकील पर हमला करने के लिए उन्होंने बिना नंबर प्लेट वाले वाहन का इस्तेमाल किया था.
cctv फुटेज से यह भी संकेत मिलता है कि संदिग्ध पीड़ित के घर के पास घात लगाकर बैठे थे, और जैसे ही वह अपनी कार में चढ़ रहे थे, उन्होंने उन पर हमला कर दिया. मोइजुद्दीन की हत्या शहर के मध्य में स्थित मसाब टैंक इलाके में, उनके आवास के पास कर दी गई.
Police के अनुसार, ख्वाजा मोइजुद्दीन सुबह करीब 4:45 बजे घर के पास अपनी कार में बैठ रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार एसयूवी ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर लगने से वकील सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं. इसके बाद स्कॉर्पियो तेजी से वहां से भाग निकली. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई.
शुरुआत में इसे ‘हिट-एंड-रन’ का मामला माना जा रहा था, लेकिन परिवार की शिकायत और cctv फुटेज की जांच के बाद, Police ने हत्या का मामला दर्ज किया, जिसके तार वक्फ जमीन के मामलों से जुड़े होने का शक है.
Police का मानना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला था, जिसके लिए आरोपियों ने पीड़ित के घर के पास तीन दिनों तक रेकी की थी.
मोइजुद्दीन एक वरिष्ठ वकील थे, जो लगभग 35 वर्षों से हाई कोर्ट और सिटी सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे. Police को शक है कि इस मामले में उन लोगों का हाथ हो सकता है, जिनका संबंध मालापेट और हैदराबाद के अन्य इलाकों में वक्फ जमीनों को लेकर चल रहे विवादों से है.
मोइजुद्दीन के परिवार ने दो लोगों के नाम बताए हैं, जिनका कथित तौर पर उन कानूनी लड़ाइयों से संबंध है, जिन्हें मोइजुद्दीन वक्फ जमीनों पर कथित कब्जों के मामले में लड़ रहे थे.
मोइजुद्दीन के बेटे फरहान, जो खुद भी एक वकील हैं, ने मीडिया को बताया कि उनके पिता को वक्फ जमीनों पर कथित तौर पर कब्जा करने में शामिल दो लोगों से धमकियां मिली थीं.
फरहान ने मीडिया को बताया कि उनके पिता पर पहले भी पांच बार हमला हो चुका है. उन्होंने दावा किया कि हत्या में कथित तौर पर शामिल दो लोगों में से एक कुछ महीने पहले उनके पिता के दफ्तर आया था और उन कानूनी मामलों के संबंध में ‘आखिरी चेतावनी’ दी थी, जिन्हें उनके पिता देख रहे थे.
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पीएसके/एबीएम