
कोलकाता, 21 मई . पश्चिम बंगाल के मदरसो में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य किए जाने को लेकर एजेयूपी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया सामने आई है.
समचार एजेंसी से बातचीत में हुमायूं कबीर ने कहा कि संविधान सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करने की अनुमति देता है. Government अगर मुसलमानों पर हिंदू धर्म की संस्कृति को लागू करती है तो उसको नहीं मानना चाहिए. कोई मदरसा किसी के खिलाफ नहीं है. मदरसे में कुरान की शिक्षा दी जाती है. कुरान की हिफाजत करने की जिम्मेदारी मदरसे की है.
हुमायूं कबीर ने कहा कि पवित्र कुरान की हिफाजत करना हर मुसलमान का हक है. मैं Government के निर्णय के खिलाफ मुसलमानों को इकठ्ठा करके रोकूंगा. संविधान की शपथ लेने वाले Chief Minister को ध्यान रखना चाहिए कि वे सबके Chief Minister हैं. मुसलमान किसी देवता की पूजा नहीं करता; वो कुरान को मानता है. जब मैंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही, तो उसी समय बहरामपुर में राम मंदिर बनाने की बात की गई.
हुमायूं कबीर ने कहा कि मैंने तो उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया. कुर्बानी के लिए गाय खरीदने वालों को बंगाल Police घर-घर जाकर चेतावनी दे रही है. मैं Chief Minister सुवेंदु अधिकारी से विनती कर रहा हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए. उनको Police को समझाना चाहिए. किसी पर ज्यादा जुल्म नहीं करना चाहिए. मैं संविधान मानकर चलूंगा; उनको भी संविधान के मुताबिक चलना चाहिए.
हुमायूं कबीर ने कहा कि मेरे कौम पर जुल्म होगा तो मैं एक कदम भी पीछे नहीं हटूंगा. मैं सारे मुसलमानों को लेकर सड़क पर इस जुल्म का विरोध करूंगा. Chief Minister के खिलाफ मैं आवाज उठाऊंगा.
बता दें कि बंगाल में सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है. यह आदेश 19 मई को जारी किया गया. Government के आदेश के अनुसार, यह नियम Governmentी मॉडल मदरसों, Governmentी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा. नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा.
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एसडी/पीएम