
आइजोल, 13 जून . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के Chief Minister लालदुहोमा को आश्वासन दिया है कि केंद्र Government राज्य में रह रहे शरणार्थियों की राहत और सहायता के लिए 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी. अधिकारियों ने Saturday को यह जानकारी दी.
Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, Friday शाम New Delhi में हुई बैठक के दौरान Chief Minister लालदुहोमा ने गृह मंत्री को बताया कि मिजोरम में वर्तमान में मणिपुर, बांग्लादेश और म्यांमार से आए करीब 40,000 शरणार्थी रह रहे हैं.
इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि केंद्र Government शरणार्थियों के भोजन और राहत कार्यों के लिए मिजोरम Government को 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी.
आधिकारिक दौरे पर दिल्ली पहुंचे Chief Minister लालदुहोमा ने कर्तव्य भवन स्थित गृह मंत्री कार्यालय में अमित शाह से मुलाकात कर मिजोरम के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की.
बैठक के दौरान Chief Minister ने बताया कि सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तरह सहायता नहीं मिल रही है, क्योंकि राज्य लंबे समय से उग्रवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं से मुक्त और शांतिपूर्ण रहा है.
उन्होंने केंद्र Government से आग्रह किया कि मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार अपराधों और बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए एसआरई योजना का लाभ मिजोरम को भी दिया जाए.
गृह मंत्री अमित शाह ने Chief Minister को Prime Minister पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवाइन) योजना के तहत अधिक परियोजना प्रस्ताव भेजने की सलाह दी और इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
Chief Minister लालदुहोमा ने पड़ोसी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए शरणार्थियों के कारण उत्पन्न मानवीय चुनौतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राज्य Government सीमित संसाधनों के बावजूद शरणार्थियों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है, लेकिन इसके लिए केंद्र Government से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है.
गौरतलब है कि फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं. इसके अलावा बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से आए करीब 2,365 शरणार्थी भी राज्य के चार जिलों में रह रहे हैं.
मिजोरम ने मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद विस्थापित हुए हजारों आदिवासी लोगों को भी शरण दी है. सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य Government स्थानीय समुदायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इन विस्थापितों को मानवीय सहायता प्रदान कर रही है.
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डीएससी