गृह मंत्री अमित शाह त्रिपुरा दौरे पर, संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन

अगरतला, 20 फरवरी . केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह Friday को त्रिपुरा के अगरतला में आयोजित संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन (राजभाषा सम्मेलन) की अध्यक्षता करेंगे. यह देश के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा का सम्मेलन होगा.

गृह मंत्रालय (एमएचए) के राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि देश के उत्तरी, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों से केंद्र Government के कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों के तीन हजार से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधि और विशेषज्ञ इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि लगभग 20 राज्यों के अधिकारी, प्रतिनिधि और एक्सपर्ट इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो त्रिपुरा में अपनी तरह का पहला सम्मेलन है.

उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान साल 2024-25 के लिए 80 क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार केंद्र Government के कार्यालयों, बैंकों और कंपनियों को राजभाषा नीति को अच्छे से लागू करने के लिए दिए जाएंगे. इसके अलावा, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को ‘नराकास प्रोत्साहन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जाएगा.

आर्या ने आगे कहा कि पुरस्कार पाने वालों को आधिकारिक सूचना प्रबंधन प्रणाली के जरिए जमा की गई तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट के आधार पर चुना जाता है.

Friday को होने वाले उद्घाटन सेशन में राजभाषा विभाग की ओर से तैयार राजभाषा भारती के पूर्वोत्तर विशेषांक को जारी किया जाएगा. इसके अलावा, कुछ किताबें भी रिलीज की जाएंगी. इस सेशन में अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आसान आसन, प्राणायाम और स्ट्रेस-मैनेजमेंट एक्सरसाइज भी शामिल हैं.

इसमें हिस्सा लेने वाले राज्यों में पूर्वी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल, Odisha, बिहार और Jharkhand, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम, वहीं उत्तरी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, Haryana, पंजाब, Himachal Pradesh, Rajasthan , जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं.

राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मॉडर्न टेक्नोलॉजी भाषा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगी. उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आम लोगों की भलाई के लिए हमेशा आसान और सरल हिंदी में बात करते हैं. यहां तक ​​कि केंद्रीय गृह मंत्री चिट्ठियां लिखते समय भी राज्यों की आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं.”

उन्होंने कहा कि केंद्र Government ने हमेशा देश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए हिंदी और स्थानीय भाषाओं समेत 22 दूसरी भारतीय भाषाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया है. अंशुली आर्या ने कहा, “हिंदी जैसी बड़ी भाषा को स्थानीय या दूसरी भारतीय भाषाओं पर थोपने का कोई सवाल ही नहीं है.”

डीसीएच/

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