
शिमला, 27 जून . Himachal Pradesh के पूर्व Chief Minister जयराम ठाकुर ने Saturday को कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य Government पर आरोप लगाया कि वह पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में हेरफेर करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमजोर कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव रोकने में नाकाम रहने के बाद राज्य Government अब जानबूझकर चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनाव में देरी कर रही है, ताकि हॉर्स-ट्रेडिंग (पार्षदों की खरीद-फरोख्त) को बढ़ावा दिया जा सके और जनता के जनादेश को पलटा जा सके.
Himachal Pradesh में विपक्ष के नेता (एलओपी) जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य Government ने शुरू में डिजास्टर एक्ट लागू करके, चुनाव नियमों में बदलाव करके और प्रक्रियात्मक बाधाएं खड़ी करके चुनावों को टालने की हर संभव कोशिश की थी. हाई कोर्ट और आखिरकार Supreme Court के दखल के बाद, कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा के भीतर चुनाव कराने पड़े.
इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य Government स्थानीय निकायों में अहम नेतृत्व पदों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी न करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा करने से इनकार कर रही है.
विपक्ष के नेता ठाकुर ने जनता का मूड बताने वाले सबूत पेश करते हुए यहां मीडिया को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित उम्मीदवारों ने पंचायत प्रधान और उप-प्रधान के लगभग 70 प्रतिशत पदों पर जीत हासिल की, जो कांग्रेस Government के प्रति जनता की व्यापक नाराजगी को दर्शाता है.
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भी शानदार जीत हासिल की, जिसमें धर्मशाला नगर निगम में स्पष्ट बहुमत शामिल है, जहां भाजपा ने 17 में से 11 सीटें जीतीं.
भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने दावा किया कि 12 जिला परिषदों में से केवल तीन में ही चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन का चुनाव पूरा हुआ है, और इन तीनों जगहों पर कांग्रेस कथित तौर पर उम्मीदवार तक नहीं उतार पाई.
उन्होंने कहा कि 92 ब्लॉक विकास समितियों (बीडीसी) में से केवल 47 ने ही अपने नेतृत्व पदों के लिए चुनाव पूरे किए हैं, जिनमें से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 31 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं.
उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा के पास बहुमत है, वहां राज्य Government जानबूझकर चुनाव की तारीखें टाल रही है. विपक्ष के नेता ने राज्य Government पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए विजिलेंस जांच, झूठे केस, रिश्तेदारों के ट्रांसफर और प्रशासनिक दबाव के जरिए भाजपा समर्थित चुने हुए प्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया.
जयराम ठाकुर ने सुजानपुर नगर परिषद में चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया और दावा किया कि वोटिंग के तय नियमों को नजरअंदाज किया गया.
उन्होंने घोषणा की कि भाजपा उन अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है जो पार्टी के अनुसार, चुनाव में देरी करके या प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए भाजपा समर्थित चुने हुए प्रतिनिधियों को निशाना बनाकर Political दबाव में काम कर रहे हैं.
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों को कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य Government ने जनता के जनादेश को स्वीकार करने से इनकार करके लोकतांत्रिक मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं.
विपक्ष के नेता ठाकुर ने कहा, पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से साफ पता चलता है कि Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य Government पर जनता का भरोसा काफी कम हो गया है.
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एएसएच/डीकेपी